Senior Citizen Housing : उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक विशेष रेंटल हाउसिंग नीति लाने की तैयारी कर रही है। इस योजना का मकसद बुजुर्गों को सुरक्षित, सम्मानजनक और किफायती आवास उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें वृद्धावस्था में रहने के लिए परेशान न होना पड़े।
9 सदस्यीय समिति का गठन
नई नीति का मसौदा तैयार करने के लिए आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने 9 सदस्यीय समिति बनाई है। समिति की अध्यक्षता विभाग के सचिव करेंगे। इसमें लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, वाराणसी और मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सदस्य होंगे, जबकि आवास बंधु के निदेशक को सदस्य-संयोजक बनाया गया है। समिति वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
कम किराये पर मिलेंगे मकान
प्रस्तावित योजना के तहत प्रदेश के विभिन्न शहरों में बुजुर्गों के लिए विशेष आवासीय परियोजनाएं विकसित की जाएंगी। इन मकानों को जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को कम किराये पर उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर या अकेले रहने वाले बुजुर्गों को सुरक्षित रहने का विकल्प मिल सके।
ये भी पढ़ें : Okhla में सिलेंडर ब्लास्ट से हड़कंप, दो लोगों की मौत और कई घायल
सुरक्षा और सुविधाओं पर जोर
नई नीति में सिर्फ मकान ही नहीं, बल्कि बुजुर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुविधाएं भी शामिल की जाएंगी। आवासीय परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच, सार्वजनिक परिवहन की सुविधा और वरिष्ठ नागरिकों के अनुकूल बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पहले से चल रही कई योजनाएं
प्रदेश सरकार पहले भी वरिष्ठ नागरिकों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत पात्र बुजुर्गों को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। वहीं 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना के तहत रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा मिल रही है।
संपत्ति अधिकारों को भी मिला संरक्षण
हाल ही में राज्य सरकार ने माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण नियमावली में संशोधन किया है। नए प्रावधानों के अनुसार यदि संतान या रिश्तेदार बुजुर्गों की देखभाल नहीं करते या उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं, तो वरिष्ठ नागरिक उन्हें अपनी संपत्ति से बेदखल कर सकेंगे। साथ ही ऐसी शिकायतों के निस्तारण के लिए 30 दिन की समयसीमा भी तय की गई है।