उत्तर प्रदेश में बुधवार को आए भीषण आंधी, तूफान और बारिश ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया। चक्रवात जैसी तेज हवाओं ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई। तेज रफ्तार हवा, धूल भरी आंधी और आकाशीय बिजली ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 117 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं।
130 की रफ्तार से चली हवा
मौसम की इस मार ने कई जिलों में डरावनी तस्वीर पैदा कर दी। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार 113 लोगों की मौत तूफान और ढहती संरचनाओं की वजह से हुई जबकि 4 लोगों की जान आकाशीय बिजली से गई। तूफान में 79 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा 177 से अधिक पशुओं की मौत हुई और लगभग 330 घरों को नुकसान पहुंचा है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा असर
प्रयागराज और मिर्जापुर सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल रहे। प्रयागराज में 23 लोगों की मौत दर्ज की गई जबकि मिर्जापुर में 19 लोगों ने जान गंवाई। संत रविदास नगर में 16 और फतेहपुर में 11 लोगों की मौत हुई। रायबरेली, उन्नाव और बदायूं समेत कई जिलों से भी नुकसान की खबरें सामने आई हैं।
मौसम विभाग ने क्या बताया
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक कई जिलों में हवा की गति 130 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी। बरेली और प्रयागराज में हालात सबसे गंभीर रहे। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय चक्रवाती प्रभाव की वजह से यह खतरनाक स्थिति बनी। धूल भरी आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं ने हालात और बिगाड़ दिए।
किसानों पर टूटा संकट
इस तूफान का सबसे बड़ा असर किसानों और ग्रामीण इलाकों पर पड़ा है। आम, गेहूं और दूसरी फसलें बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई हैं। कई खेतों में खड़ी फसलें खराब हो गईं। पशुपालन पर भी असर पड़ा है क्योंकि 177 से ज्यादा पशुओं की मौत ने ग्रामीण परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।
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योगी सरकार का बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। सरकार ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं और प्रभावित जिलों में सर्वे शुरू हो चुका है। प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।