UP TGT Teacher Principal Recruitment : उत्तर प्रदेश के शिक्षकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों में प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक की भर्ती के नियमों में बदलाव करने की तैयारी कर रही है। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो टीजीटी यानी प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक भी प्रधानाचार्य के पद के लिए आवेदन कर सकेंगे।
करीब 30 साल बाद खुल सकता है रास्ता
प्रस्तावित बदलाव इसलिए खास है क्योंकि टीजीटी शिक्षकों के लिए प्रधानाचार्य बनने का रास्ता साल 1998 के बाद बंद हो गया था। अब करीब तीन दशक बाद इसे फिर से खोलने की तैयारी की जा रही है। इससे लंबे समय से पढ़ा रहे टीजीटी शिक्षकों को अपने करियर में आगे बढ़ने का नया मौका मिल सकता है। मौजूदा प्रस्ताव के अनुसार इंटरमीडिएट कॉलेजों में प्रधानाचार्य के पद के लिए टीजीटी के साथ प्रवक्ता और हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक भी पात्र हो सकते हैं। वहीं हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक पद के लिए टीजीटी और जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाध्यापकों के साथ प्रवक्ताओं को भी मौका देने का प्रस्ताव है।
हजारों पद खाली
इस बदलाव का असर बड़ी संख्या में शिक्षकों पर पड़ सकता है। शिक्षा निदेशालय ने राज्य में 1,475 प्रधानाचार्य और 1,172 प्रधानाध्यापक पदों के खाली होने की जानकारी दी है। ये पद प्रदेश के 4,512 सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों से जुड़े हैं। इन पदों पर भर्ती काफी समय से नहीं हुई है। रिपोर्ट के अनुसार सहायता प्राप्त कॉलेजों में प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक की भर्ती प्रक्रिया 2013 के बाद से नहीं हुई है। ऐसे में अगर नए नियमों को मंजूरी मिलती है तो लंबे समय से खाली पदों को भरने का रास्ता साफ हो सकता है।
निजी स्कूलों के शिक्षकों को भी मिल सकता है मौका
प्रस्तावित नियमों की एक और खास बात यह है कि पहली बार निजी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को भी प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक पद की भर्ती में शामिल करने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि इसके लिए प्रस्तावित नियमों को सरकार की मंजूरी मिलना जरूरी है।
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परीक्षा और साक्षात्कार से हो सकती है भर्ती
नियमों में बदलाव के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग भर्ती का विज्ञापन जारी कर सकता है। प्रस्ताव के मुताबिक चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और साक्षात्कार शामिल हो सकते हैं। फिलहाल यह बदलाव प्रस्ताव के स्तर पर है, इसलिए अंतिम पात्रता और चयन नियम सरकार की मंजूरी के बाद ही साफ होंगे। अगर सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो यूपी के हजारों शिक्षकों के लिए यह करियर में आगे बढ़ने का बड़ा मौका होगा। खासकर उन टीजीटी शिक्षकों के लिए, जो लंबे समय से स्कूलों में पढ़ाने के साथ प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने की तैयारी कर रहे हैं।