UP UCC : उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। योगी सरकार के मंत्री और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के एक बयान ने इस मुद्दे को फिर सुर्खियों में ला दिया है। उन्होंने कहा है कि सरकार यूसीसी लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है और इसे भाजपा लंबे समय से अपने प्रमुख एजेंडे में शामिल करती रही है।
भूपेंद्र चौधरी ने क्या कहा?
भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि भाजपा ने लोकसभा चुनाव के दौरान जारी अपने संकल्प पत्र में भी यूसीसी को प्रमुखता दी थी। उनके मुताबिक पार्टी का मानना है कि समान नागरिक संहिता लागू होने से महिलाओं को अधिक अधिकार और कानूनी सुरक्षा मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए तैयार है और इसे महिलाओं के हित से जुड़ा बड़ा कदम माना जा रहा है।
महिलाओं के अधिकारों का दिया हवाला
मंत्री ने अपने बयान में कहा कि जब तक सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू नहीं होंगे, तब तक महिलाओं को पूरी तरह न्याय और अधिकार मिलना मुश्किल है। उन्होंने दावा किया कि यूसीसी महिलाओं की सुरक्षा, संपत्ति के अधिकार और पारिवारिक मामलों में समानता सुनिश्चित करने का माध्यम बन सकता है। यही वजह है कि भाजपा इस मुद्दे को लगातार उठाती रही है।
चुनाव से पहले बढ़ सकती है सियासत
भूपेंद्र चौधरी के बयान के बाद यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले यूसीसी को लेकर कोई बड़ा कदम उठाया जा सकता है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक समयसीमा घोषित नहीं की गई है, लेकिन मंत्री के बयान को राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। विपक्ष भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देने की तैयारी में है।
पहले भी उठता रहा है मुद्दा
देश में यूसीसी को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है। भाजपा इसे अपने प्रमुख चुनावी वादों में शामिल करती रही है, जबकि कई विपक्षी दल इस पर अलग राय रखते हैं। उत्तराखंड में यूसीसी लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश को लेकर भी लगातार अटकलें लगती रही हैं कि राज्य सरकार इस दिशा में कदम बढ़ा सकती है।
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फिलहाल फैसले का इंतजार
मंत्री के बयान से राजनीतिक माहौल जरूर गर्म हो गया है, लेकिन यूसीसी को लेकर अंतिम फैसला सरकार के आधिकारिक कदमों पर निर्भर करेगा। फिलहाल इतना तय है कि चुनावी माहौल के बीच यह मुद्दा आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति का एक बड़ा विषय बन सकता है।