
इस साल आसमान से बरसने वाला पानी सभी पुराने आंकड़े पीछे छोड़ता नजर आ रहा है। मौसम विज्ञान के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामान्यत: हर वर्ष लगभग 756 मिलीमीटर बरसात होती है, मगर इस बार सितंबर तक ही 1130 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। यानी अब तक औसत से 374 मिलीमीटर अधिक बरसात हो चुकी है।
बूंदाबांदी का दौर जारी रह सकता है
मौसम विज्ञानी डॉ. एम. शमीम ने बताया कि वर्षा का यह सिलसिला यहीं थमने वाला नहीं है। दिसंबर माह के अंत तक करीब 70 मिलीमीटर और बारिश होने की संभावना जताई गई है। यदि ऐसा हुआ तो इस साल की कुल बरसात लगभग 1200 मिलीमीटर तक पहुंच जाएगी, जो सामान्य से करीब 513 मिलीमीटर ज्यादा होगी। डॉ. शमीम का कहना है कि इतनी अधिक बरसात किसानों के लिए जहां राहत का संदेश लेकर आई है, वहीं जलभराव और निचले इलाकों में गड्ढों की समस्या ने आमजन की मुश्किलें भी बढ़ाई हैं। बरसात का यह रिकार्डतोड़ आंकड़ा मौसम के बदलते मिजाज को भी दिखा रहा है। जानकारी के अनुसार 17, 18 और 19 सितंबर को भी हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। यानी अगले कुछ दिनों तक बादल और बूंदाबांदी का दौर जारी रह सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय से सूखे और कम बारिश की चिंताओं के बीच इस साल की झमाझम बारिश न सिर्फ भूजल स्तर को सुधारने में मददगार साबित होगी बल्कि रबी की फसलों के लिए भी वरदान साबित हो सकती है।
रिकॉर्ड एक नजर में
सामान्य बरसात : 756 मिमी
इस साल अब तक : 1130 मिमी
दिसंबर तक अनुमान : 1200 मिमी
अतिरिक्त बरसात : 513 मिमी