उत्तर प्रदेश में सर्दी एक बार फिर अपने तेवर दिखा रही है। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में सुबह और रात के समय घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही शीतलहर ने ठंड की तीव्रता को और बढ़ा दिया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे ठंड का असर और गहरा हो सकता है।
घने कोहरे से बढ़ी लोगों की मुश्किलें
इन दिनों यूपी के कई जिलों में कोहरे की चादर इतनी घनी है कि दृश्यता काफी कम हो रही है। सड़कों पर वाहन चालकों को खास सतर्कता बरतनी पड़ रही है। सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोहरे की वजह से ट्रेन और बस सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
शीतलहर ने बढ़ाई ठिठुरन
कोहरे के साथ चल रही ठंडी हवाओं ने शीतलहर का रूप ले लिया है। दिन के समय धूप निकलने के बावजूद ठंड का असर कम नहीं हो रहा है। रात का तापमान लगातार नीचे बना हुआ है, जिससे गलन बढ़ गई है। खासकर बुजुर्गों और छोटे बच्चों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
1 फरवरी से बदल सकता है मौसम का रुख
मौसम के जानकारों के अनुसार 1 फरवरी से उत्तर प्रदेश के मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है और कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। यह बदलाव मौजूदा शुष्क ठंड को नम ठंड में बदल सकता है, जिससे ठिठुरन और ज्यादा महसूस होगी।
बारिश के बाद और बढ़ेगी ठंड
अगर बारिश होती है तो तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। गीला मौसम और ठंडी हवाएं मिलकर ठंड को और तेज कर देंगी। दिन में भी ठंड का अहसास बना रह सकता है और लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ेगा। किसानों के लिए भी यह मौसम चिंता का कारण बन सकता है, क्योंकि फसलों पर ठंड और नमी का असर पड़ सकता है।
संभावित बारिश मौसम
कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश में फिलहाल कोहरा और शीतलहर लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। वहीं 1 फरवरी से संभावित बारिश मौसम को और ठंडा बना सकती है। ऐसे में जरूरी है कि लोग मौसम को देखते हुए सतर्क रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।