UP Weather : उत्तर प्रदेश में सितंबर के आखिर में मौसम ने अचानक करवट ली है. मानसून की विदाई के समय कई इलाकों में तेज बारिश, आंधी और जलभराव ने सामान्य जनजीवन प्रभावित किया है. पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश इतनी ज्यादा रही कि कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। 25 से 27 सितंबर के बीच राज्य में सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज की गई.
बंगाल की खाड़ी से आया Deep Depression
इस बारिश की बड़ी वजह बंगाल की खाड़ी में बना Deep Depression रहा. यह मौसम प्रणाली तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा से आगे बढ़ते हुए मध्य भारत की तरफ आई और बाद में उत्तर प्रदेश के आसपास पहुंची। इसके साथ बड़ी मात्रा में नमी भी आगे बढ़ी, जिससे बादलों के बनने और तेज बारिश की स्थिति बनी। बाद में यह सिस्टम कमजोर होकर Well-Marked Low Pressure Area में बदल गया.
Western Disturbance ने बढ़ाई सक्रियता
दूसरी तरफ उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपरी वातावरण में Western Disturbance भी सक्रिय था. यह पश्चिम से आने वाली मौसम प्रणाली है, जो अपने साथ नमी लेकर उत्तर भारत की ओर बढ़ती है. जब इसका प्रभाव बंगाल की खाड़ी से आए नम सिस्टम के साथ मिला, तो वातावरण में अस्थिरता बढ़ी और बारिश की तीव्रता कई जगहों पर बढ़ गई.
ये भी पढ़ें - Mirzapur The Movie Box Office: 24 दिनों में 267% मुनाफा, 2026 की टॉप प्रॉफिटेबल फिल्मों में बनाई जगह
दोनों सिस्टम के मेल से बनी भारी बारिश की स्थिति
सरल भाषा में समझें तो एक तरफ दक्षिण-पूर्व से नमी लेकर आया सिस्टम था और दूसरी तरफ पश्चिम से सक्रिय मौसम प्रणाली. दोनों के प्रभाव के कारण उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश का दौर बना. 24 घंटे में राज्य में 45.1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि का सामान्य आंकड़ा करीब 1.8 मिमी बताया गया है.
अब कैसा रहेगा मौसम?
28 सितंबर को भी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है, हालांकि बारिश की तीव्रता में कमी आने के संकेत हैं। IMD के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है, जबकि मौसम प्रणाली धीरे-धीरे कमजोर होने की ओर है.