UP Women Empowerment : उत्तर प्रदेश सरकार ने रक्षाबंधन से पहले महिलाओं के लिए बड़ी सौगात का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना की शुरुआत करते हुए 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी है। इसके साथ ही सरकार ने महिलाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाने का संकेत दिया है। बताया गया है कि प्रदेश की 8,000 न्याय पंचायतों में डिजिटल सेवाओं के विस्तार के लिए बड़ी संख्या में महिलाओं को अवसर दिया जाएगा।
60 साल से अधिक महिलाओं को फ्री यात्रा
नई योजना के तहत अब 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को यूपी रोडवेज की बसों में किराया नहीं देना होगा। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए महिलाओं को केवल आधार कार्ड या वोटर आईडी दिखानी होगी। सरकार का मानना है कि इससे बुजुर्ग महिलाओं को आने-जाने में राहत मिलेगी और वे बिना आर्थिक बोझ के यात्रा कर सकेंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योजना की शुरुआत करते हुए इसे मातृशक्ति के सम्मान से जोड़कर देखा।
न्याय पंचायतों में महिलाओं को मिलेगा मौका
सरकार की डिजिटल योजनाओं के तहत प्रदेश की करीब 8,000 न्याय पंचायतों को तकनीकी सुविधाओं से जोड़ने की तैयारी चल रही है। इनमें बड़ी संख्या में डिजिटल उद्यमी नियुक्त किए जाएंगे। खास बात यह है कि इन पदों में लगभग आधी हिस्सेदारी महिलाओं को देने की योजना है। इससे गांवों में महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य डिजिटल सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
रक्षाबंधन पर भी महिलाओं को राहत
मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर सभी आयु वर्ग की महिलाओं के लिए तीन दिन मुफ्त बस यात्रा का भी ऐलान किया है। हर साल की तरह इस बार भी बहनों को त्योहार के दौरान रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। परिवहन विभाग ने इसके लिए विशेष बसों का इंतजाम किया है ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो।
हर दिन हजारों महिलाओं को मिलेगा लाभ
सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में हर दिन 88 हजार से अधिक ऐसी महिलाएं रोडवेज बसों में सफर करती हैं जिनकी उम्र 60 वर्ष या उससे ज्यादा है। नई योजना लागू होने के बाद इन महिलाओं को सीधे लाभ मिलेगा। सरकार का अनुमान है कि इस योजना पर हर महीने करीब 22.5 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके बावजूद सरकार इसे महिलाओं के सम्मान और सुविधा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम मान रही है।
इसे भी पढ़ें : भारत-पाकिस्तान मुकाबले से पहले शुरू होगा एशिया कप, जानिए टीम इंडिया का पूरा कार्यक्रम
महिला सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस
योगी सरकार का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। मुफ्त बस यात्रा से लेकर न्याय पंचायतों में डिजिटल उद्यमी के रूप में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने तक, सरकार कई स्तरों पर काम कर रही है। आने वाले समय में इन योजनाओं का असर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं पर देखने को मिल सकता है।