लखनऊ। मेरठ से प्रयागराज तक बन रहे 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की अधिकतम स्पीड लिमिट 120 किलोमीटर प्रति घंटा तय कर दी गई है। यह उत्तर प्रदेश का पहला एक्सप्रेसवे होगा, जहां इतनी तेज रफ्तार की अनुमति होगी। अभी तक प्रदेश के सभी एक्सप्रेस-वे (जैसे यमुना एक्सप्रेस-वे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे) पर अधिकतम स्पीड 100 किमी प्रति घंटा ही थी। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने यह नई स्पीड लिमिट तय की है।
हाईटेक ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम व्यवस्था होगी
गंगा एक्सप्रेस-वे को छह लेन का बनाया जा रहा है और इसकी डिजाइन हाई-स्पीड के लिए बेहतर है। सड़क की चौड़ाई, कर्व्स की त्रिज्या और सेफ्टी फीचर्स को देखते हुए 120 किमी/घंटा की स्पीड सुरक्षित मानी गई है। साथ ही एक्सप्रेसवे पर हाईटेक ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम, कैमरे और इमरजेंसी लेन की व्यवस्था भी की जा रही है। गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसे जनवरी 2026 में जनता को समर्पित करेंगे। लोकार्पण के साथ ही यह एक्सप्रेस-वे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
महज 6-7 घंटे में पूरी होगी मेरठ से प्रयागराज की दूरी
इसकी खासियत यह भी है कि यह उत्तर प्रदेश के 12 जिलों को जोड़ेगा और मेरठ से प्रयागराज की दूरी महज 6-7 घंटे में पूरी हो जाएगी, जबकि अभी साधारण रास्ते से 12-14 घंटे लगते हैं। इस एक्सप्रेस-वे से माघ मेला आने वाले श्रद्धालुओं को भी बहुत फायदा होगा, क्योंकि प्रयागराज तक पहुंचना आसान और तेज हो जाएगा। साथ ही पश्चिमी यूपी से पूर्वांचल तक माल ढुलाई और व्यापार को भी रफ्तार मिलेगी।
हल्के वाहनों 120 और भारी वाहन 80-100 किमी/घंटा तक लिमिट तय
यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी हरि सिंह ने बताया कि नई स्पीड लिमिट से यात्रा का समय काफी कम होगा, लेकिन सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है। ओवर-स्पीडिंग पर ऑटोमैटिक चालान की व्यवस्था भी होगी। हल्के वाहनों (कार, जीप आदि) के लिए 120 किमी/घंटा और भारी वाहनों के लिए 80-100 किमी/घंटा तक की अलग-अलग लिमिट रहेगी। कुल मिलाकर गंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई देने वाला है। जनवरी में लोकार्पण के बाद यूपी के लोग पहली बार 120 की रफ्तार में राजमार्ग पर दौड़ सकेंगे। यह राज्य के विकास और तेज कनेक्टिविटी की नई मिसाल बनेगा।