UPI Transaction Cost: UPI ने भारत में डिजिटल पेमेंट को बेहद आसान बना दिया है। चाय की दुकान पर कुछ रुपये चुकाने हों या किसी को हजारों रुपये भेजने हों, कुछ सेकंड में भुगतान हो जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक UPI ट्रांजैक्शन को पूरा करने में वास्तव में कितनी लागत आती है? खास बात यह है कि ग्राहक को आम तौर पर इसके लिए अलग से कोई शुल्क नहीं देना पड़ता। इसके बावजूद बैंक, पेमेंट ऐप, PSP और UPI नेटवर्क के स्तर पर इस पूरे सिस्टम को चलाने में खर्च होता है।
ग्राहक से नहीं लिया जाता सामान्य UPI शुल्क
अगर आप अपने बैंक खाते से दूसरे बैंक खाते में सामान्य UPI भुगतान करते हैं, तो मौजूदा व्यवस्था में ग्राहक से प्रति ट्रांजैक्शन कोई अलग फीस नहीं ली जाती। यानी ₹1 भेजने और ₹1000 भेजने पर सामान्य बैंक-टू-बैंक UPI ट्रांसफर के लिए ग्राहक को अलग से कोई चार्ज नहीं देना होता। UPI की संरचना में ग्राहक, बैंक, पेमेंट ऐप और अन्य भागीदार मिलकर ट्रांजैक्शन को पूरा करते हैं।
फिर UPI की लागत कौन उठाता है?
UPI को चलाने में बैंकिंग सिस्टम, टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर, सर्वर, सुरक्षा और पेमेंट प्रोसेसिंग जैसी कई लागत शामिल होती हैं। फिलहाल इन खर्चों की भरपाई सीधे ग्राहक से ट्रांजैक्शन फीस लेकर नहीं की जाती। सरकार ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए UPI इकोसिस्टम को आर्थिक सहायता भी दी है। यही वजह है कि आम यूजर को UPI भुगतान करते समय कोई अलग चार्ज दिखाई नहीं देता।
MDR को लेकर क्यों हो रही है चर्चा?
UPI को लेकर हाल में Merchant Discount Rate यानी MDR की चर्चा तेज हुई है। MDR वह शुल्क है जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारी से पेमेंट इकोसिस्टम में लिया जा सकता है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यदि भविष्य में MDR लागू किया जाता है तो इसका दायरा सीमित रखा जा सकता है और छोटे कारोबारियों को इससे बाहर रखने की बात कही गई है। यानी इसका मतलब यह नहीं है कि हर UPI भुगतान पर ग्राहक से शुल्क वसूला जाएगा।
₹1 और ₹1000 के भुगतान में क्या अंतर है?
सामान्य बैंक-टू-बैंक UPI ट्रांजैक्शन के लिए ग्राहक के नजरिए से ₹1 और ₹1000 के भुगतान की लागत फिलहाल शून्य ही रहती है। हालांकि पेमेंट सिस्टम के भीतर वास्तविक प्रोसेसिंग लागत मौजूद रहती है। कुछ विशेष भुगतान माध्यमों और मर्चेंट ट्रांजैक्शन में अलग-अलग शुल्क व्यवस्था लागू हो सकती है। इसलिए हर UPI ट्रांजैक्शन की वास्तविक लागत को एक ही तय रकम मानना सही नहीं होगा।
MDR को लेकर बहस
कुल मिलाकर, UPI का सबसे बड़ा फायदा यही है कि आम यूजर को भुगतान के लिए अलग से शुल्क नहीं देना पड़ता। हालांकि बढ़ते डिजिटल ट्रांजैक्शन और सिस्टम की लागत के बीच MDR को लेकर बहस जारी है। फिलहाल सामान्य UPI यूजर के लिए ₹1 हो या ₹1000, बैंक खाते से किया गया सामान्य UPI भुगतान मुफ्त है। भविष्य में शुल्क व्यवस्था में कोई बदलाव होता है तो उसका असर मुख्य रूप से मर्चेंट और पेमेंट इकोसिस्टम पर पड़ सकता है।