UGC: यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के हालिया नियमों और आरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे विरोध के बीच केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सवर्ण महापंचायत समिति और क्षत्रिय करणी सेना के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। यह बैठक 20 सितंबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित ‘UGC रोलबैक सवर्ण महापंचायत’ से कुछ घंटे पहले हुई। बैठक के बाद महापंचायत को फिलहाल स्थगित करने का फैसला लिया गया है। नड्डा ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल की ओर से उठाए गए मुद्दों पर सरकार न्यायसंगत तरीके से विचार करेगी।
नड्डा के आवास पर हुई अहम बैठक
जेपी नड्डा के आवास पर हुई इस बैठक में UGC रोलबैक सवर्ण महापंचायत समिति के संस्थापक और क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ। प्रतिनिधिमंडल में समृद्ध सनातन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शुभांशु सिंह राजपूत, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के आईटी सेल अध्यक्ष आरके सिंह, क्षत्रिय करणी सेना की महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता संगीता सिंह और सवर्ण महापंचायत समिति के कानूनी सलाहकार अधिवक्ता हिमांशु शर्मा शामिल रहे। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह भी बैठक में मौजूद थे।
सरकार से मांगों पर विचार का मिला आश्वासन
बैठक के बाद जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि प्रतिनिधिमंडल की ओर से उठाए गए विषयों पर सौहार्दपूर्ण वातावरण में चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर विचार करेगी और आने वाले तीन सप्ताह में प्रतिनिधिमंडल के साथ दोबारा बैठक की जाएगी। हालांकि, सरकार ने अभी इन मांगों को स्वीकार करने या UGC नियमों को वापस लेने की कोई घोषणा नहीं की है। फिलहाल अगली बातचीत के जरिए मुद्दे पर चर्चा आगे बढ़ाने की बात कही गई है।
UGC के नए नियमों को लेकर जताई गई आपत्ति
प्रस्तावित महापंचायत का मुद्दा आरक्षण नीतियों के साथ-साथ हाल में अधिसूचित UGC (Promotion of Equity in Higher Education Institutions) Regulations, 2026 से जुड़ा था। प्रदर्शन आयोजकों की ओर से इन नियमों को लेकर आपत्तियां उठाई गई थीं और इन्हें वापस लेने की मांग की जा रही थी। इसी मुद्दे को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की योजना बनाई गई थी।
दिल्ली पुलिस की अनुमति के बाद बदला कार्यक्रम
महापंचायत के आयोजन को लेकर दिल्ली पुलिस से अनुमति मांगी गई थी, लेकिन पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी। इसके बाद क्षत्रिय करणी सेना की ओर से दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। अदालत ने इस मामले में तत्काल सुनवाई के लिए याचिका को सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद जेपी नड्डा के साथ हुई बैठक में बातचीत के बाद 20 सितंबर को प्रस्तावित महापंचायत को स्थगित करने का निर्णय लिया गया। अब सरकार और प्रतिनिधिमंडल के बीच अगले तीन सप्ताह में होने वाली बैठक पर आगे की स्थिति निर्भर करेगी।