संसद के शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन भी तीखे राजनीतिक टकरावों का गवाह बना। SIR के मुद्दे पर विपक्ष ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में लगातार हंगामा जारी रखा। जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसद नारेबाजी करते हुए वेल तक पहुंच गए। ‘वोट चोर–गड्डी चोर’ के नारों के बीच स्पीकर ने प्रश्नकाल चलाने की कोशिश की, लेकिन 20 मिनट तक जोरदार विरोध जारी रहने के बाद कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
SIR पर चर्चा की मांग पर अड़े विपक्षी दल
विपक्ष का कहना है कि SIR से जुड़ी शंकाओं पर तत्काल चर्चा होना आवश्यक है। इसके लिए विपक्ष ने सुबह संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन भी किया। विपक्षी नेताओं का तर्क है कि यदि SIR शब्द को लेकर आपत्ति है, तो सरकार किसी अन्य नाम—जैसे इलेक्टोरल रिफॉर्म—के तहत भी इस विषय को सूचीबद्ध कर सकती है, बस चर्चा होनी चाहिए।सरकार ने संकेत दिए हैं कि इस सुझाव पर विचार किया जा सकता है और बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में रुख स्पष्ट किया जाएगा।
राज्यसभा में भी विरोध के नारे गूंजे
राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने SIR पर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। सभापति ने सदन चलाने का प्रयास किया, लेकिन लगातार हो रहे शोरगुल के बीच हंगामा रुक नहीं सका। यह साफ है कि विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सदन में सरकार को घेरने की रणनीति पर अड़ा हुआ है।
वंदे मातरम् पर 10 घंटे की लंबी बहस की तैयारी
इसी बीच यह जानकारी भी सामने आई है कि वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर सदन में लगभग 10 घंटे की विशेष चर्चा प्रस्तावित है। संभावना है कि गुरुवार या शुक्रवार को यह बहस आयोजित हो सकती है और प्रधानमंत्री भी इसमें हिस्सा लें। इस पर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।