Uproar in Lucknow over UGC rules: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में यूजीसी के नए नियमों को लेकर सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई। विरोध के तहत सवर्ण मोर्चा के कार्यकर्ता डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास का घेराव करने पहुंचे, लेकिन वहां जो हुआ उसने पूरे माहौल को बदल दिया। पाठक ने खुद बाहर आकर प्रदर्शनकारियों का अभिवादन किया और उन्हें बातचीत के लिए अंदर बुलाया।
सम्मान के साथ शुरू हुई बातचीत
प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी और विरोध के बीच ब्रजेश पाठक का शांत और सम्मानजनक रवैया सामने आया। उन्होंने हाथ जोड़कर नेताओं का स्वागत किया और सभी को बैठाकर लंबी चर्चा की। इस दौरान उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी वर्ग के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और सभी की बात सुनी जाएगी।
यूजीसी नियमों पर सवर्ण मोर्चा की आपत्ति
सवर्ण मोर्चा के नेताओं ने यूजीसी के नए नियमों को “काला कानून” बताते हुए कड़ा विरोध जताया। उनका कहना है कि ये नियम उच्च शिक्षण संस्थानों में सवर्ण समाज के खिलाफ माहौल बना सकते हैं। नेताओं ने आशंका जताई कि यदि इन नियमों का दुरुपयोग हुआ तो छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।
सरकार की ओर से भरोसा
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि वे खुद सामान्य वर्ग से आते हैं और किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे को केंद्र स्तर पर उठाया जाएगा और दिल्ली में उच्च नेतृत्व से बातचीत की जाएगी, ताकि सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जा सके।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
बैठक के बाद सवर्ण मोर्चा के नेताओं, जिनमें अभिनव नाथ त्रिपाठी, संदीप सिंह और बसंत सिंह बघेल शामिल रहे, ने कहा कि जब तक नियम पूरी तरह वापस नहीं लिए जाते, विरोध जारी रहेगा। फिलहाल डिप्टी सीएम के आश्वासन से स्थिति शांत हुई है, लेकिन अंतिम फैसला केंद्र सरकार के स्तर पर ही तय होगा।