मेरठ शहर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के अंतर्गत रुड़की रोड स्थित एक निजी अस्पताल में नवजात की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल को इलाज में लापरवाही जिम्मेदार ठहराते हुए जमकर हंगामा व प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप है कि उक्त निजी अस्पताल अवैध रूप से संचालित किया जा रहा है। हंगामे के बाद अस्पताल का स्टाफ और डॉक्टर वहां से मरीजों को छोड़कर गायब हो गए, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस और अपर सीएमओ ने अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों को जिला अस्पताल रेफर कराकर अस्पताल को सील कर दिया। इसके साथ ही पड़ोस के ही एक अन्य निजी अस्पताल को भी खामियां पाए जाने पर सील किया गया। पुलिस ने भी तहरीर मिलने के बाद अस्पताल की जांच शुरू कर दी है।
सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई
नगर के सिविल लाइन क्षेत्र के अंतर्गत रहमानिया कॉलोनी निवासी अब्दुल्ला ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 20 मार्च 2026 को उनकी पुत्रवधू को प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि वहां मौजूद एक आशा कार्यकर्ता ने उन्हें बहला-फुसलाकर रुडकी रोड पर स्थित अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी।परिजनों का आरोप है कि उक्त निजी अस्पताल में भर्ती होने के बाद स्टाफ ने लगातार अलग-अलग बहाने बनाकर करीब एक लाख रुपये तक वसूले। इस दौरान उन्हें बच्चे को देखने नहीं दिया गया और नवजात को आईसीयू में रखने और विभिन्न गंभीर बीमारियों का हवाला देकर परिजनों को लगातार डराया जाता रहा। अस्पताल द्वारा कराई गई जांच रिपोर्ट सामान्य आईं। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन बच्चे को डिस्चार्ज करने में टालमटोल करता रहा। रात में दो बजे बच्चे को गंभीर बताकर मेरठ रेफर किया गया।
जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा
पीड़ित अब्दुल्ला ने आरोप लगाया है कि निजी अस्पताल संचालित करने वाले डॉक्टर के पास मान्यता प्राप्त डिग्री नहीं है। उनका कहना है कि अस्पताल अवैध रूप से गंचालित किया जा रहा है और लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। हंगामे की सूचना पर एएसपी सिटी सिद्धार्थ के मिश्रा और सिविल लाइन थाना प्रभारी आशुतोष कुमार मौके पर फोर्स के साथ पहुंच गए, वहीं अपर सीएमओ भी स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ पहुंचे। अस्पताल में कोई भी चिकित्सक नहीं मिलने पर अन्य भर्ती मरीजों को जिला अस्पताल और महिला अस्पताल भेज दिया गया तथा उसे सील कर दिया गया। पुलिस तहरीर मिलने पर गहनता से जांच की बात कह रही है।वहीं इसी अस्पताल से लगते एक अन्य निजी अस्पताल को भी स्वास्थ्य विभाग ने मानक के अनुरूप नहीं चलने पर सील कर दिया।