हापुड़: थाना देहात क्षेत्र के मोहल्ला तगासराय में मंगलवार की शाम लड़की भगाने के शक में हुए विवाद के मामले में बृहस्पविार की दोपहर करीब ढाई बजे पोस्टमार्टम से आए महिला के शव को घर के बाहर रखकर परिजनों ने सड़क पर बैठकर जमकर हंगामा कर दिया। हंगामा की सूचना पर एसडीएम, सीओ समेत चार थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। हंगामे के दौरान परिजनों मामले में लापरवाही बरतने वाले दरोगा के निलंबन व परिवार को आर्थिक मदद करने की मांग करने लगे। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एसडीएम ईला प्रकाश व सीओ वरुण मिश्रा ने परिजनों को आश्वासन दिया।
इसके बाद करीब ढाई घंटे बाद परिजन शांत हुए। मामले में एसपी ने अयोध्यापुरी चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक अजीत सिंह को निलंबित कर दिया। उधर, मामले में पुलिस ने दंपती को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मंगलवार की शाम लड़की भगाने के शक में मोहल्ला निवासी सतीश सैनी, उसकी पत्नी निर्मला व उसके पुत्र सागर ने पड़ोस में रहने वाले रुग्गन व उसकी पत्नी सरोज उर्फ सत्तो के साथ गाली गलौज कर अभद्रता की थी। आरोप है कि सागर सैनी ने रुग्गन प्रजापति को उनके में बंद कर दिया था। जबकि आरोपी उनकी पत्नी को घटीसता हुआ घर से मोहल्ले में ले गया। इसके बाद उनकी बेरहमी से पिटाई की। इसमें वह गंभीर रुप से घायल हो गई थीं। परिजनों ने उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मेरठ के लिए रेफर कर दिया।
बुधवार की शाम उपचार के दौरान सरोज की अस्पताल में मौत हो गई। उनकी मौत की सूचना पर परिवार में कोहराम मच गया। इसके बाद परिजनों ने बुधवार की रात मेरठ तिराहे पर शव को रखकर हंगामा किया था। पुलिस के समझाने के बाद परिजन शांत हो गए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। बृहस्पतिवार की दोपहर पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही सरोज का शव मोहल्ले में पहुंचा तो आक्रोश फैल गया। इस दौरान परिजनों व रिश्तेदारों ने शव को घर के बाहर रखकर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद भी परिजन व रिश्तेदार नहीं माने और हंगामा में लोगों की संख्या बढ़ती देख एसडीएम ईला प्रकाश, सीओ वरुण मिश्रा, नगर कोतवाल विनोद पाण्डेय, बाबूगढ़ कोतवाल मुनीष प्रताप सिंह, महिला थाना प्रभारी अरुणा राय, हाफिजपुर कोतवाल प्रवीन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
इस दौरान परिजन व रिश्तेदार उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। बताया जा रहा है कि एक परिजन ने मामले में एसपी से बात भी की। इसके बाद परिजन मामले में लापरवाही बरतने वाले उपनिरीक्षक अजीत सिंह के निलंबन की मांग की। उच्चाधिकारियों के आश्चासन पर एसडीएम व सीओ ने परिजनों को शांत कराया। यह हंगामा करीब ढाई घंटे तक चला। इसके बाद परिजन वापस लौट गई और शव के अंतिम संस्कार प्रक्रिया में शामिल हुए। एसपी ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि मृतका के परिजनों ने अयोध्यापुरी चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक अजीत सिंह पर मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। दरोगा की भूमिका की जांच करते हुए उसे निलंबित कर दिया गया है। समाचार के क्या क्या होंगे हेडिंग