केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को पेश किए गए 2026-27 के आम बजट में उत्तर प्रदेश के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा वित्तीय समर्थन सुनिश्चित किया है। बजट में बुनियादी ढांचा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कनेक्टिविटी और रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे प्रदेश की विकास गति को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
राज्य को केंद्रीय करों के हस्तांतरण (टैक्स डेवोल्यूशन) के तहत लगभग 2.80 लाख करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 2.55 लाख करोड़ से करीब 25 हजार करोड़ अधिक है। यह बढ़ोतरी 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर 41 प्रतिशत ऊर्ध्वाधर हिस्सेदारी बनाए रखने से संभव हुई है। केंद्र ने राज्यों को कुल 1.4 लाख करोड़ रुपये के वित्त आयोग अनुदान दिए हैं, जिसमें ग्रामीण-शहरी स्थानीय निकायों और आपदा प्रबंधन के लिए राशि शामिल है।
ब्याजमुक्त ऋण योजना
ब्याजमुक्त ऋण योजना में यूपी को मिलेगा 20 हजार करोड़ यूपी जैसे बड़े राज्य को इससे पर्याप्त लाभ मिलेगा। बजट में केंद्र की ब्याजमुक्त ऋण योजना के तहत उत्तर प्रदेश को लगभग 20 हजार करोड़ रुपये आवंटित होने की संभावना है। पिछले वर्ष 18 हजार करोड़ मिले थे और इस बार कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ाने के लिए यह राशि बढ़ाई गई है। यह धन मुख्य रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, सड़क, रेल और शहरी विकास में लगेगा।
कैपिटल एक्सपेंडिचर 12.2 लाख करोड़ रुपये रखा
बजट का कुल कैपिटल एक्सपेंडिचर 12.2 लाख करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वर्ष से करीब 9 प्रतिशत अधिक है। यूपी के लिए विशेष घोषणाएं शामिल हैं—वाराणसी को दो हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी) से जोड़ना, लखनऊ में एआई सिटी, सेमीकंडक्टर डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग पार्क, तथा धार्मिक शहरों (अयोध्या, वाराणसी, मथुरा, प्रयागराज) के लिए 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान। इन शहरों में पर्यटन, सड़क, स्वच्छता और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस रहेगा।
यूपी की ग्रोथ को नई ऊंचाई देगा बजट
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कृषि, ग्रामीण विकास और एमएसएमई सेक्टर में बढ़े आवंटन से यूपी के किसानों, युवाओं और छोटे उद्यमियों को फायदा होगा। केंद्र ने पूर्वोदय योजना के तहत पूर्वी भारत के साथ यूपी को भी जोड़ा है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बजट को 'विकसित भारत' का प्रेरणादायी संकल्प-पत्र बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यह बजट यूपी की ग्रोथ को नई ऊंचाई देगा, रोजगार बढ़ाएगा और इंफ्रास्ट्रक्चर गैप को कम करेगा। कुल मिलाकर, विभिन्न मदों से यूपी को 4 लाख करोड़ से अधिक की सहायता मिल सकती है, जो प्रदेश के विकास के लिए ऐतिहासिक है।