उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) ने युवाओं के प्रशिक्षण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्वतंत्रता दिवस पर ‘कौशल संपर्क’ क्यूआर कोड की शुरुआत की। अब प्रशिक्षण केंद्रों पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर युवा प्रशिक्षण की गुणवत्ता, सुविधाओं और कमियों के बारे में सीधे मिशन तक अपनी बात पहुंचा सकेंगे। शिकायत और सुझाव दर्ज कराने की सुविधा भी इसमें होगी।
यूपीएसडीएम मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में मिशन निदेशक पुलकित खरे ने ध्वजारोहण किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगारपरक दक्षता के साथ आधुनिक तकनीक और सॉफ्ट स्किल्स की जानकारी देना समय की जरूरत है। कौशलयुक्त युवा अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत करने के साथ प्रदेश के विकास में भी योगदान दे सकते हैं।
एआई और संवाद क्षमता पर जोर
समारोह में युवाओं को आधुनिक रोजगार बाजार के अनुरूप तैयार करने के लिए आईटीपी तीव्र एजुकेशन टेक प्राइवेट लिमिटेड और फुल्गोर एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के साथ दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। इनके माध्यम से युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सॉफ्ट स्किल्स का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे तकनीकी दक्षता के साथ संवाद क्षमता, व्यक्तित्व विकास और रोजगार की तैयारी को बेहतर करने पर जोर रहेगा।
हरित परिसर का संदेश
मुख्यालय परिसर में ‘कौशल वाटिका’ का उद्घाटन भी किया गया। इसका उद्देश्य परिसर में हरियाली बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना है। वहीं 15 जुलाई को विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रमों को सफल बनाने में योगदान देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान अपर मिशन निदेशक पूजा मिश्रा, संयुक्त निदेशक मयंक गंगवार, वित्त नियंत्रक संदीप कुमार, सहायक निदेशक डॉ. एमके सिंह, सहायक निदेशक पवित्रा टंडन, सीओओ आशीष कुमार समेत मिशन के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।