US and Iran to face off: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से अटकी बातचीत एक बार फिर पटरी पर लौटती दिख रही है। तनाव और अनिश्चितता के बीच दोनों देश शुक्रवार को ओमान की राजधानी मस्कट में आमने-सामने बैठेंगे। पहले यह बैठक किसी अन्य स्थान पर होने वाली थी, लेकिन अब ओमान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए इसकी मेजबानी करने पर सहमति दी है। यह वार्ता ऐसे वक्त हो रही है जब पश्चिम एशिया में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और सैन्य टकराव की आशंका भी जताई जा रही है।
ईरान ने बैठक की पुष्टि की
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने खुद इस बैठक की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह मस्कट में अमेरिका के साथ परमाणु मुद्दे पर बातचीत होगी। साथ ही उन्होंने ओमान का आभार जताया, जिसने दोनों देशों के बीच संवाद के लिए मंच उपलब्ध कराया। ईरान का कहना है कि वह कूटनीति के रास्ते खुले रखना चाहता है, बशर्ते बातचीत सीमित और स्पष्ट एजेंडे पर हो।
तनाव के बीच अमेरिका की सख्त चेतावनी
अमेरिकी अधिकारियों ने भी बातचीत की पुष्टि की है, लेकिन साफ किया है कि यह बैठक आसान नहीं होगी। अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई है और संकेत दिए हैं कि अगर बातचीत विफल होती है तो उसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं। वॉशिंगटन चाहता है कि चर्चा सिर्फ परमाणु कार्यक्रम तक सीमित न रहे।
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मिसाइल और क्षेत्रीय मुद्दों पर मतभेद
ईरान पहले ही कह चुका है कि वह बैलिस्टिक मिसाइलों या क्षेत्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर बातचीत नहीं करेगा। वहीं अमेरिका चाहता है कि इन विषयों को भी शामिल किया जाए। इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच सबसे बड़ा मतभेद बना हुआ है।
परमाणु मुद्दे पर ही अड़ा ईरान
ईरान का दो टूक कहना है कि बातचीत का केंद्र केवल उसका परमाणु कार्यक्रम होगा। वह दोहराता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम सैन्य उद्देश्यों के लिए नहीं है और वह यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार से पीछे नहीं हटेगा। अब देखना होगा कि मस्कट की यह बैठक तनाव कम करने की दिशा में कोई ठोस रास्ता निकाल पाती है या नहीं।