Cilia Flores का जीवन शुरू से आसान नहीं रहा। 15 अक्टूबर 1956 को Venezuela के टिनाक्विलो में जन्मी फ्लोरेस का बचपन गरीबी में बीता। उनके पिता अलग-अलग शहरों में घूमकर सामान बेचते थे। बेहतर भविष्य की तलाश में परिवार काराकस पहुंचा, जहां फ्लोरेस ने कानून की पढ़ाई की। पढ़ाई के दौरान वह एक पुलिस स्टेशन में अंशकालिक तौर पर गवाहों के बयान दर्ज करने का काम भी करती थीं। बाद में उन्होंने एक पुलिस डिटेक्टिव से शादी की, जिनसे उनके तीन बेटे हैं। यह दौर उनके जीवन का वह हिस्सा था, जहां से राजनीति की ओर उनका झुकाव धीरे-धीरे बढ़ने लगा।
राजनीति में एंट्री और शावेज से जुड़ाव
1989 में काराकस में पेट्रोल की कीमतें बढ़ने के बाद भड़की हिंसा ने फ्लोरेस की सोच बदल दी। उन्होंने खुद कहा कि इसी घटना ने उन्हें राजनीति और क्रांति की ओर मोड़ा। इसी दौर में सैन्य अफसर Hugo Chavez सरकार के खिलाफ खड़े हुए। 1992 में तख्तापलट की नाकाम कोशिश के बाद जब शावेज को जेल भेजा गया, तब फ्लोरेस उनके समर्थन में खुलकर सामने आईं। उन्होंने जनसमर्थन जुटाया, कानूनी मदद दी और शावेज के समर्थकों के पत्रों का जवाब दिया। यहीं से फ्लोरेस सत्ता के उस गलियारे में पहुंचीं, जिसने आगे चलकर उन्हें वेनेजुएला की सबसे प्रभावशाली महिलाओं में शामिल कर दिया।
मादुरो से मुलाकात और सत्ता में उभार
इसी समय फ्लोरेस की मुलाकात Nicolas Maduro से हुई, जो उस वक्त शावेज के सलाहकार थे। दोनों अपने-अपने जीवनसाथियों से अलग हो रहे थे और धीरे-धीरे करीब आ गए। बाद में मादुरो ने बताया कि बातचीत की शुरुआत फ्लोरेस की एक मुस्कान और इशारे से हुई थी। 1998 में शावेज के राष्ट्रपति बनने के बाद फ्लोरेस का राजनीतिक कद तेजी से बढ़ा। 2000 में वह नेशनल असेंबली की सदस्य बनीं, 2006 में संसद की पहली महिला अध्यक्ष चुनी गईं और 2011 तक इस पद पर रहीं। 2012-13 के बीच उन्होंने अटॉर्नी जनरल का पद संभाला। जुलाई 2013 में मादुरो से शादी के बाद वह ‘फर्स्ट लेडी’ बनीं और सत्ता का एक मजबूत चेहरा मानी जाने लगीं।
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अमेरिकी कार्रवाई और गंभीर आरोप
अब फ्लोरेस उसी सत्ता के कारण अमेरिका के निशाने पर हैं। अमेरिका ने उन पर मशीनगन और विनाशकारी हथियार रखने, अमेरिका के खिलाफ साजिश रचने और नार्को-टेररिज्म जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। 2015 में फ्लोरेस के दो भतीजों को अमेरिकी एजेंसी Drug Enforcement Administration ने हैती से गिरफ्तार किया था। उन पर 800 किलो कोकीन अमेरिका भेजने का आरोप था। अदालत में उन्होंने स्वीकार किया कि ड्रग्स से मिलने वाला पैसा फ्लोरेस की राजनीतिक ताकत बढ़ाने में इस्तेमाल होना था। अब अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई में मादुरो और फ्लोरेस दोनों की गिरफ्तारी ने वेनेजुएला की राजनीति को झकझोर दिया है और दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आगे इसका असर सत्ता और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर कैसे पड़ेगा।