पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के रणनीतिक ठिकानों पर बड़ा हमला किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार यह स्ट्राइक होर्मुज जलडमरूमध्य के पास की गई, जहां ईरान ने एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम छिपा रखे थे। इस हमले में एक बेहद ताकतवर 5000 पाउंड का बंकर बस्टर बम इस्तेमाल किया गया, जिसे GBU-72 कहा जाता है। इस हमले के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
क्या होता है बंकर बस्टर बम
बंकर बस्टर बम खास तौर पर मजबूत कंक्रीट, जमीन के अंदर बने बंकर और गुप्त ठिकानों को नष्ट करने के लिए बनाया जाता है। आम बम जहां सतह पर ही विस्फोट करते हैं, वहीं बंकर बस्टर पहले जमीन या कंक्रीट को चीरते हुए अंदर तक पहुंचता है और फिर विस्फोट करता है। इससे अंदर छिपे हथियार, मिसाइल सिस्टम और सुरंगें पूरी तरह तबाह हो जाती हैं।
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GBU-72 कितना खतरनाक है
GBU-72 बम का वजन करीब 5000 पाउंड यानी 2268 किलोग्राम होता है। यह इतना शक्तिशाली होता है कि कई मीटर मोटे कंक्रीट और गहराई में बने बंकरों को भी भेद सकता है। तुलना के लिए, 2000 पाउंड वाले बंकर बस्टर बम भी भारी तबाही मचाते हैं, ऐसे में GBU-72 का असर उससे कहीं ज्यादा विनाशकारी माना जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बम के इस्तेमाल से ईरान की मजबूत मिसाइल साइट्स को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
हमले के पीछे क्या है रणनीति
अमेरिका का यह कदम होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रखने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम है, जहां से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल गुजरता है। ईरान द्वारा यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित करने के बाद अमेरिका ने यह सख्त कदम उठाया है, ताकि ऊर्जा सप्लाई बाधित न हो।
आगे क्या हो सकते हैं असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला आने वाले बड़े सैन्य घटनाक्रम की शुरुआत हो सकता है। अगर ईरान जवाबी कार्रवाई करता है, तो संघर्ष और तेज हो सकता है, जिससे वैश्विक तेल कीमतों में उछाल और महंगाई बढ़ने की आशंका है। फिलहाल अमेरिका ने इस हमले के जरिए साफ संकेत दे दिया है कि वह ईरान के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ठिकानों को भी निशाना बनाने की क्षमता रखता है।