अमेरिका में सरकारी शटडाउन का असर अब दिखने लगा है. इसका सबसे अधिक असर अब आम लोगों पर पड़ रहा है. शटडाउन के चलते शुक्रवार को 1,200 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द कर दी गईं हैं, जिसके चलते यात्रियों को काफी परेशानी हुई. दरअसल थैंक्सगिविंग हॉलिडे में अब कुछ ही हफ्ते बचे रह गए हैं और अगर शटडाउन जल्दी खत्म नहीं होता है, तो आने वाले दिनों में यह परेशानी और भी ज्यादा बढ़ सकती है. यह फ्लाइट कैंसिलेशन धीरे-धीरे होने वाली कटौती का पहला चरण है. यह 4 फीसदी से शुरू हुई है और अगले हफ्ते 10 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है.
अमेरिकन एयरलाइंस ने 220 फ्लाइट्स रद्द कीं
मिली जानकारी के अनुसार देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी अमेरिकन एयरलाइंस ने 220 फ्लाइट्स रद्द कर दी हैं. डेल्टा ने भी करीब 170 फ्लाइट्स कम कर दीं, जबकि साउथवेस्ट एयरलाइंस ने लगभग 100 फ्लाइट्स कैंसिल की हैं. FlightAware के अनुसार गुरुवार को 6,800 से ज्यादा फ्लाइट्स लेट हुईं और 200 फ्लाइट्स रद्द भी हो गईं. शटडाउन के चलते कई कर्मचारी बिना सैलरी के काम कर रहे हैं. ट्रंप प्रशासन ने एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स पर काम का बोझ कम करने के लिए फ्लाइट्स में कटौती करने को कहा था. जिसकी वजह से अटलांटा, नेवार्क, डेनवर, शिकागो, ह्यूस्टन और लॉस एंजिल्स जैसे एयरपोर्ट सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं.
बढ़ सकती है परेशानी
सरकारी शटडाउन के चलते कई सरकारी कर्मचारी या तो घर भेज दिए गए हैं या फिर बिना तनख्वाह के काम कर रहे हैं. इसमें एयरपोर्ट्स पर काम करने वाले जरूरी लोग भी शामिल हैं. वहीं 1 अक्तूबर से शुरू हुआ ये शटडाउन अगर थैंक्सगिविंग तक खिंच जाता है तो यह स्थिति बेहद गंभीर हो जाएगी. बोस्टन और नेवार्क एयरपोर्ट पर यात्रियों को औसतन दो घंटे से ज्यादा की देरी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं शिकागो और वाशिंगटन एयरपोर्ट पर एक घंटे से ज्यादा की देरी हुई.
अटलांटा, शिकागो, डेनवर, फीनिक्स एयरपोर्ट प्रभावित
वहीं अमेरिकन एयरलाइंस ने एक बयान में कहा है कि उनकी तय की गई कटौती के तहत रोजाना 220 फ्लाइट्स रद्द हो रही हैं. सबसे ज्यादा प्रभावित एयरपोर्ट अटलांटा, शिकागो, डेनवर और फीनिक्स थे. फ्लाइट की संख्या में धीरे-धीरे कटौती की जा रही है. अभी केवल 4 फीसदी कटौती की गई है जो अगले हफ्ते 10 फीसदी तक पहुंच सकती है. एविएशन एनालिटिक्स कंपनी Cirium का कहना है कि अब तक 3% फ्लाइट्स रद्द हुई हैं और 94 फीसदी फ्लाइट्स समय पर रवाना कर दी गई हैं.