United States में महंगाई ने दो साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। Iran के साथ तनाव और युद्ध जैसे हालात के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिसका सीधा असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, उपभोक्ता कीमतों में पिछले 12 महीनों में 3.3% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो फरवरी में 2.4% थी।
पेट्रोल-डीजल के दाम में जबरदस्त उछाल
तेल की सप्लाई पर असर और Strait of Hormuz में तनाव के कारण पेट्रोल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। फरवरी से मार्च के बीच गैस की कीमतों में 21% से ज्यादा उछाल दर्ज किया गया, जो दशकों में सबसे बड़ी वृद्धि मानी जा रही है। वहीं ईंधन की कुल कीमतों में 30% से अधिक बढ़ोतरी ने हालात और कठिन बना दिए हैं।
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राज्यों में अलग-अलग असर
इस बढ़ती महंगाई का असर अमेरिका के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तरीके से दिख रहा है। खासकर कैलिफोर्निया जैसे राज्यों में स्थिति ज्यादा गंभीर है, जहां पहले से ही ईंधन महंगा था। यहां एक गैलन पेट्रोल की कीमत करीब 5.93 डॉलर तक पहुंच गई है, जबकि देश का औसत करीब 4.16 डॉलर है।
आम जनता पर बढ़ा बोझ
महंगाई का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। लोग अब कम गाड़ी इस्तेमाल कर रहे हैं और खर्चों में कटौती करने को मजबूर हैं। बढ़ती ईंधन कीमतों ने रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित किया है, जिससे आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।