अमेरिका ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को दिसंबर में मियामी में होने वाले G20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वॉशिंगटन को उम्मीद है कि पुतिन इस आमंत्रण को स्वीकार करेंगे। उनके मुताबिक, सम्मेलन रूस-अमेरिका संबंधों और यूक्रेन युद्ध जैसे मुद्दों पर दुनिया के प्रमुख नेताओं के बीच बातचीत का अवसर दे सकता है।
रुबियो ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पुतिन को G20 में बुलाया गया है, ताकि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ-साथ अन्य देशों के नेताओं से भी बातचीत कर सकें। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल ट्रंप और पुतिन के बीच किसी अलग द्विपक्षीय शिखर बैठक की कोई औपचारिक योजना या चर्चा नहीं हुई है।
ट्रंप-पुतिन मुलाकात की संभावना
रुबियो के मुताबिक, अगर पुतिन G20 सम्मेलन में पहुंचते हैं और किसी बैठक का ठोस उद्देश्य तय होता है, तो ट्रंप और उनके बीच मुलाकात संभव हो सकती है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति उन नेताओं से बातचीत के लिए तैयार हैं, जिनसे अमेरिका के मतभेद हैं। हालांकि, वॉशिंगटन ऐसी बैठकों को प्राथमिकता देता है जिनसे कोई ठोस परिणाम निकलने की संभावना हो।
पुतिन और ट्रंप की पिछली मुलाकात अगस्त 2025 में अलास्का में हुई थी। ऐसे में दिसंबर में G20 सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति की मौजूदगी दोनों नेताओं के बीच एक और आमने-सामने बातचीत का रास्ता खोल सकती है।
रूस ने भी दिया संकेत
रूस ने अमेरिकी निमंत्रण को खारिज नहीं किया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि मॉस्को इस आमंत्रण पर विचार करेगा और राजनयिक माध्यमों से आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
यूक्रेन युद्ध पर बातचीत जारी
रुबियो ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भी अमेरिका के रुख पर बात की। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन मॉस्को के साथ बातचीत के लिए तैयार है और युद्ध को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक रास्ते तलाशे जा रहे हैं। उनके मुताबिक, दोनों पक्षों ने अनाज और ऊर्जा से जुड़े मुद्दों पर सीमित युद्धविराम की संभावनाओं में रुचि दिखाई है, हालांकि इस दिशा में आगे बढ़ना आसान नहीं होगा।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि ऊर्जा ढांचे पर लगातार हो रहे हमले किसी संभावित समझौते में बड़ी बाधा हैं। रूस और यूक्रेन दोनों ही ऊर्जा से जुड़े ठिकानों को अपने सैन्य अभियानों का हिस्सा बना रहे हैं।
समझौते की दिशा में बढ़े कदम
रुबियो के अनुसार, सीमित युद्धविराम से पूरे युद्ध का अंत नहीं होगा, लेकिन इससे तनाव कम करने और व्यापक समझौते की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता तैयार हो सकता है। उन्होंने कहा कि अंततः इस संघर्ष का समाधान बातचीत के जरिए हुए समझौते से ही संभव होगा। दिसंबर में होने वाला G20 सम्मेलन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यहां दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता एक मंच पर मौजूद होंगे। रूस के निमंत्रण और पुतिन की संभावित मौजूदगी से सम्मेलन के दौरान अमेरिका-रूस संवाद पर खास नजर रहेगी।