वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को फिर से सामान्य स्थिति में लाने पर सहमति बनती दिख रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों देश 60 दिनों के सीजफायर विस्तार और चरणबद्ध तरीके से समुद्री मार्ग खोलने पर राजी हुए हैं। अगर यह प्रक्रिया पूरी होती है, तो दुनिया भर में तेल आपूर्ति और सप्लाई चेन को बड़ा स्थिरता लाभ मिल सकता है।
सीजफायर और होर्मुज खोलने पर सहमति
फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में 60 दिन के सीजफायर को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है। इस दौरान होर्मुज स्ट्रेट को धीरे-धीरे खोलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मध्यस्थों के अनुसार यह कदम तनाव कम करने और क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
30 दिनों में सामान्य होगा समुद्री मार्ग
ईरान की ओर से भी संकेत मिले हैं कि अगले 30 दिनों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही लगभग पहले जैसी हो सकती है। यानी युद्ध से पहले जितना व्यापार और शिपिंग इस मार्ग से होता था, उसे चरणबद्ध तरीके से बहाल किया जाएगा। इससे वैश्विक ऊर्जा सप्लाई को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
दुनिया और भारत पर असर
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम तेल व्यापार मार्गों में से एक है। यहां तनाव बढ़ने से कई देशों में ईंधन संकट और सप्लाई चेन बाधित हुई थी। भारत, जो अपनी जरूरत का 80 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, उसके लिए यह खबर विशेष रूप से राहत देने वाली मानी जा रही है। मार्ग सामान्य होने से वैश्विक तेल बाजार स्थिर हो सकता है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और ट्रंप का बयान
इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा है कि अमेरिका, ईरान और क्षेत्र के कुछ अन्य देशों के बीच एक बड़ा समझौता लगभग तय है। उन्होंने संकेत दिया कि इस डील में होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की प्रक्रिया शामिल है और जल्द ही आधिकारिक घोषणा हो सकती है।