अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि दोनों देशों के बीच शांति समझौता लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है। ट्रंप ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से पूरी तरह खोला जा सकता है। हालांकि ईरान ने इस दावे को तुरंत खारिज कर दिया। वहीं पाकिस्तान ने इस पहल का स्वागत करते हुए अगली वार्ता की मेजबानी की इच्छा जताई है।
ट्रंप ने बताया शांति समझौता करीब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका, ईरान और अन्य देशों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद शांति समझौता लगभग तैयार हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ अंतिम औपचारिकताओं पर चर्चा बाकी है। ट्रंप के अनुसार यह समझौता पिछले तीन महीनों से जारी तनाव और संघर्ष को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है।
नेतन्याहू से बातचीत का भी किया जिक्र
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि उनकी इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी सकारात्मक बातचीत हुई है। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं के बीच समझौते के अंतिम बिंदुओं पर चर्चा हुई और जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा की जा सकती है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का सख्त रुख
ट्रंप ने दावा किया कि समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा पूरी तरह खोला जाएगा। लेकिन ईरान ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए साफ किया कि होर्मुज पर उसका नियंत्रण जारी रहेगा। ईरानी पक्ष का कहना है कि केवल सीमित जहाजों को पहले की तरह गुजरने की अनुमति दी जा सकती है, लेकिन इसे पूर्ण स्वतंत्र मार्ग नहीं माना जाएगा।
परमाणु कार्यक्रम पर बनी हुई है चुप्पी
शांति समझौते की चर्चाओं के बीच ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट सहमति सामने नहीं आई है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने ट्रंप के बयानों को प्रचार करार देते हुए कहा कि परमाणु गतिविधियों को लेकर कोई समझौता नहीं हुआ है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि वार्ता के कई अहम मुद्दे अभी भी अधूरे हैं।
पाकिस्तान ने निभाई मध्यस्थ की भूमिका
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी वार्ता का स्वागत किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच अगला दौर पाकिस्तान में आयोजित हो सकता है। साथ ही पाकिस्तान ने क्षेत्रीय शांति बनाए रखने के लिए सहयोग जारी रखने की बात कही। रिपोर्ट्स के अनुसार सेना प्रमुख असिम मुनीर और ट्रंप के बीच भी क्षेत्रीय हालात पर बातचीत हुई है।