मध्य पूर्व में जारी नाजुक संघर्षविराम के बीच 11 अप्रैल को होने वाली अमेरिका-ईरान वार्ता ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद को पूरी तरह सुरक्षा के घेरे में ला दिया है। शहर अब किसी आम राजधानी जैसा नहीं, बल्कि एक ‘किले’ में तब्दील नजर आ रहा है। जमीन से लेकर आसमान तक सुरक्षा का ऐसा जाल बिछाया गया है, जो इस हाई-प्रोफाइल बैठक के पीछे छिपे संभावित खतरों की ओर भी इशारा करता है।
रेड जोन बना ‘नो-गो एरिया’
इस्लामाबाद का रेड जोन पूरी तरह सील कर दिया गया है। यहां संसद, दूतावास और बड़े सरकारी दफ्तर मौजूद हैं, लेकिन अब आम नागरिकों की एंट्री लगभग बंद है। सड़कों पर बैरिकेडिंग, हर मोड़ पर चेकिंग और भारी पुलिस बल की तैनाती इस बात का संकेत देती है कि खतरे को लेकर एजेंसियां बेहद सतर्क हैं। कई इलाकों में आवाजाही रोक दी गई है, जिससे शहर में असामान्य सन्नाटा है।
दो दिन का ‘लॉकडाउन जैसा’ माहौल
सरकार ने हालात को नियंत्रित रखने के लिए दो दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। स्कूल, बाजार और दफ्तर बंद हैं। सड़कों पर गाड़ियों की कमी और सुरक्षा वाहनों की मौजूदगी शहर को किसी इमरजेंसी जैसे माहौल में बदल रही है। यह कदम केवल भीड़ कम करने के लिए नहीं, बल्कि किसी भी संभावित खतरे को सीमित करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
हवाई सुरक्षा में भी असाधारण तैयारी
जमीन ही नहीं, आसमान में भी सुरक्षा का मजबूत कवच बनाया गया है। पाकिस्तानी वायुसेना ने C-130 और IL-78 जैसे विमान तैनात किए हैं। साथ ही AWACS सिस्टम के जरिए हवाई निगरानी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, ईरानी प्रतिनिधिमंडल के विमान को एस्कॉर्ट करने के लिए फाइटर जेट्स भी तैयार हैं। यह तैयारी इस आशंका को दिखाती है कि खतरा केवल जमीन से नहीं, बल्कि आसमान से भी हो सकता है।
सुरक्षा पर उठे सवाल और अंतरराष्ट्रीय चिंता
जहां पाकिस्तान सरकार ने ‘फुलप्रूफ’ सुरक्षा का दावा किया है, वहीं कुछ अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने इस पर सवाल भी उठाए हैं। उनका मानना है कि पाकिस्तान में आतंकी घटनाओं का इतिहास देखते हुए इतने बड़े आयोजन में जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि अमेरिकी टीम की एडवांस सिक्योरिटी यूनिट पहले ही पहुंच चुकी है।
वीजा में ढील, लेकिन निगरानी कड़ी
सरकार ने वार्ता में शामिल प्रतिनिधियों और पत्रकारों के लिए वीजा-ऑन-अराइवल की सुविधा दी है, ताकि प्रक्रिया आसान हो सके। लेकिन इसके साथ ही एयरपोर्ट और एंट्री पॉइंट्स पर कड़ी निगरानी भी रखी जा रही है। हर आने-जाने वाले की जांच और मूवमेंट ट्रैकिंग सुनिश्चित की जा रही है, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत रोका जा सके।