मिडिल ईस्ट में तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी के तुरंत बाद ईरान ने इजरायल की ओर मिसाइल दागकर हालात को और विस्फोटक बना दिया। लगातार बढ़ती सैन्य गतिविधियों और तीखे बयानों के बीच अब दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि आगे अमेरिका क्या कदम उठाएगा और क्या यह टकराव बड़े युद्ध का रूप ले सकता है।
ट्रंप की चेतावनी ने बढ़ाया तनाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में राष्ट्र को संबोधित करते हुए ईरान को साफ चेतावनी दी कि अगर आने वाले दो से तीन हफ्तों में कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका बेहद कड़ी कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि ईरान के सभी विद्युत उत्पादन केंद्रों को निशाना बनाया जा सकता है।
ईरान का पलटवार, मिसाइल दागे
ट्रंप के इस बयान के तुरंत बाद ईरान ने इजरायल की दिशा में मिसाइलें दाग दीं। यह हमला ऐसे समय हुआ जब पहले से ही क्षेत्र में तनाव चरम पर है। यह लगातार कुछ घंटों के भीतर तीसरी बार मिसाइल दागे जाने की घटना बताई जा रही है।
इजरायल की रक्षा प्रणाली सक्रिय
इजरायल की सेना ने कहा कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली पूरी तरह सक्रिय है और मिसाइलों को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। उत्तरी इजरायल में एयर रेड सायरन बजाए गए, हालांकि अब तक किसी बड़े नुकसान या हताहत की खबर नहीं है।
‘स्टोन एज’ की चेतावनी से बढ़ी चिंता
ट्रंप ने अपने संबोधन में बेहद सख्त शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि अगर ईरान नहीं माना, तो उसे “स्टोन एज” में पहुंचा दिया जाएगा। उन्होंने संकेत दिए कि अमेरिका की सैन्य तैयारी लगभग पूरी है और कार्रवाई किसी भी समय हो सकती है।
युद्ध की पृष्ठभूमि और बढ़ता खतरा
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष 28 फरवरी से जारी है, जब हवाई हमलों में ईरान के शीर्ष नेतृत्व को बड़ा नुकसान हुआ था। इसके बाद से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अब विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह टकराव बड़े युद्ध में बदल सकता है।