US Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों पर कथित हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की है। अमेरिकी हमलों में दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी ईरान के कई अहम सैन्य और सामरिक ठिकानों को निशाना बनाया गया।
ट्रंप का दावा- जरूरत पड़ने पर जारी रहेगी सैन्य कार्रवाई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान को पहले की तुलना में कहीं अधिक कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हालात दोबारा बिगड़ते हैं तो अमेरिका आगे भी इसी तरह की सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि मौजूदा हालात के बाद ईरान बातचीत की इच्छा जता रहा है, लेकिन उन्होंने इस बात पर सवाल उठाया कि क्या तेहरान किसी संभावित समझौते का पालन करेगा।
ईरान के इन 8 अहम ठिकानों को बनाया गया निशाना
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी हमलों के दौरान ईरान के कई रणनीतिक और सैन्य महत्व वाले स्थानों को निशाना बनाया गया। इनमें शामिल हैं—
जास्क
सीरिक
बंदर अब्बास
अबू मूसा द्वीप
चाबहार पोर्ट का मैरिटाइम ट्रैफिक कंट्रोल टावर
बुशहर
उत्तरी ईरान के अकाला क्षेत्र का रेलवे ब्रिज
ईरानशहर (बलूचिस्तान प्रांत)
रेलवे पुलों पर भी हुई एयर स्ट्राइक
Axios की रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया गया कि अमेरिकी वायुसेना ने बुधवार को ईरान के दो रेलवे पुलों को निशाना बनाया। इसके साथ ही तुर्कमेनिस्तान सीमा के पास गोलेस्तान प्रांत की रेलवे लाइन पर हमले की खबरों को भी बल मिला है।
IRGC के सलमान कमांड मुख्यालय पर भी हमला
हमलों के दौरान दक्षिण-पूर्वी ईरान के ईरानशहर स्थित इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के सलमान कमांड मुख्यालय को भी निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा चाबहार, कोनारक, बंदर अब्बास, जास्क, सीरिक और क़ेश्म जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भी कार्रवाई की गई।
ट्रंप की चेतावनी- हर हमले का मिलेगा 20 गुना जवाब
तुर्किए में नाटो शिखर सम्मेलन से लौटते समय एयर फोर्स वन में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में यह सैन्य कार्रवाई की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान भविष्य में फिर किसी तरह का हमला करता है तो अमेरिका उससे 20 गुना अधिक ताकत के साथ जवाब देगा। ट्रंप का यह भी दावा था कि ईरान ने दो नहीं बल्कि तीन जहाजों को निशाना बनाया था।
'ईरान बातचीत चाहता है, लेकिन भरोसा करना मुश्किल'
ट्रंप ने कहा कि हालिया अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान बातचीत के लिए तैयार दिख रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ईरान किसी समझौते का ईमानदारी से पालन करेगा। उनके मुताबिक मौजूदा हालात बेहद असामान्य हैं और स्थिति काफी हद तक नियंत्रण से बाहर जा चुकी है।
अमेरिका का दावा- मकसद सिर्फ परमाणु हथियार रोकना
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दोहराया कि इस पूरे अभियान का उद्देश्य केवल ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना है। उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु क्षमता हासिल नहीं करने देगा और पूरी कार्रवाई इसी रणनीति का हिस्सा है।
एयर फोर्स वन बदलने पर भी दी सफाई
ट्रंप ने तुर्किए से लौटते समय विमान बदलने को लेकर चल रही अटकलों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी सुरक्षा खतरे के कारण नहीं लिया गया था, बल्कि एयरबेस पर मौजूद लोगों को विमान दिखाने की सुविधा के लिए ऐसा किया गया। ईरान से किसी संभावित खतरे के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह हमेशा ईरान की प्राथमिक सूची में रहते हैं।