संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर एक बार फिर से हमले शुरू कर दिए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी है कि अगर तेहरान वॉशिंगटन के साथ परमाणु समझौते पर सहमत नहीं होता, तो उस पर सैन्य दबाव और बढ़ाया जाएगा। अमेरिकी सैन्य कार्रवाई बुधवार को शाम 5:15 बजे (ईस्टर्न टाइम) शुरू की गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर ईरान में कई ठिकानों पर 'आत्मरक्षा' में अतिरिक्त हमले किए गए।
सेंटकॉम के कमांडरों से मुलाकात
फ्लोरिडा के मैकडिल एयरफोर्स बेस पर सेंटकॉम के कमांडरों से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए हेगसेथ ने कहा, ''आज रात सेंट्रल कमांड काफी व्यस्त रहने वाला है, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि हम ईरान पर कड़ा प्रहार करेंगे, और हम ऐसा करेंगे। ईरान के पास एक अच्छा, बल्कि बहुत अच्छा समझौता करने का मौका है, जिससे वे उन बातों को आधिकारिक रूप दे सकते हैं, जिन्हें करने की बात वे पहले से कहते रहे हैं, लेकिन अब तक उन्होंने ऐसा नहीं किया है।" व्हाइट हाउस में ट्रंप ने कहा कि कई महीनों की बातचीत के बावजूद ईरान ने वार्ता को आगे नहीं बढ़ाया।
ट्रंप ने कहा, "मैं कई महीनों से ईरान के साथ काम कर रहा हूं और उन्हें इस समझौते पर हस्ताक्षर कर देने चाहिए। यह एक अच्छा समझौता है। यह उन्हें परमाणु हथियार रखने का अधिकार नहीं देता है। असल में, यह उन्हें कभी भी परमाणु हथियार रखने से पूरी तरह रोकता है।"
एएच-64 अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया
ये नए हमले उस घटना के बाद हुए जब सोमवार को ईरान ने ओमान के पास अमेरिकी सेना के एक एएच-64 अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया था। ट्रंप ने कहा कि हेलीकॉप्टर का चालक दल सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन उन्होंने आगे भी सैन्य कार्रवाई जारी रखने की बात कही।