होर्मुज की सफाई के लिए अमेरिका ने 'हाईटेक ऑपरेशन' शुरू कर दिया है। अमेरिका ने होर्मुज में युद्धपोत, ड्रोन और हेलिकॉप्टर तैनात कर दिए हैं। यह कदम ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है। अमेरिका का कहना है कि यह ऑपरेशन होर्मुज की सुरक्षा और मुक्त आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए है। अमेरिका ने कहा है कि वह ईरान के किसी भी हमले का जवाब देने के लिए तैयार है।
सेना को अलर्ट पर रखा है
ईरान ने भी अपनी सुरक्षा बढ़ा दी है और होर्मुज में अपनी सेना को अलर्ट पर रखा है। ईरान का कहना है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगा। होर्मुज की सफाई का भारत पर काफी प्रभाव पड़ेगा। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का लगभग 50% हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल और गैस पर निर्भर है। अगर होर्मुज जलडमरूमध्य बंद हो जाता है, तो भारत की ऊर्जा सप्लाई बाधित हो सकती है, जिससे तेल और गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं और महंगाई बढ़ सकती है।
वैकल्पिक स्रोतों की तलाश शुरू कर दी है
भारत सरकार ने पहले से ही वैकल्पिक स्रोतों की तलाश शुरू कर दी है, जैसे कि पश्चिम अफ्रीका और अमेरिका से तेल आयात करना। इसके अलावा, भारत ने अपने तेल भंडारण को भी बढ़ाया है, जिससे 74 दिनों के लिए पर्याप्त कच्चा तेल भंडार है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का भविष्य अनिश्चित है, लेकिन दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल दिया है, जिससे भारत की ऊर्जा सप्लाई में राहत मिली है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर काफी प्रभाव
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर काफी प्रभाव पड़ेगा। अगर युद्ध होता है, तो तेल की कीमतें बढ़ेंगी, जिससे महंगाई बढ़ेगी और वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि धीमी हो जाएगी। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने चेतावनी दी है कि युद्ध के कारण वैश्विक महंगाई बढ़ेगी और आर्थिक विकास दर धीमी हो जाएगी।