अमेरिकी सांसदों ने चेतावनी दी है कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध के कारण अमेरिका के हथियार भंडार पर दबाव लगातार बढ़ रहा है और वैश्विक परमाणु परिदृश्य तेजी से बिगड़ता जा रहा है। सीनेट की सुनवाई के दौरान डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ईरान नीति और हथियार नियंत्रण के भविष्य को लेकर गंभीर चिंताएँ सामने आईं। सीनेट की विदेश संबंध नीति की सुनवाई में रैंकिंग सदस्य सीनेटर जीन शाहीन ने कहा कि हथियारों के तेज़ इस्तेमाल ने योजना और रणनीति में गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है।
अमेरिकी भंडार तेजी से घट रहे हैं
उन्होंने कहा, “पिछले गुरुवार को ईरान के खिलाफ इस युद्ध के लगभग तीन सप्ताह बाद प्रशासन ने 16 अरब डॉलर से अधिक के हथियारों की बिक्री को मंजूरी दी। इसके लिए सामान्य संसदीय समीक्षा को दरकिनार करते हुए आपातकालीन अधिकारों का इस्तेमाल किया।” शाहीन ने स्थिति को “गोला-बारूद और हथियारों की आपात स्थिति” बताया और चेतावनी दी कि अमेरिकी भंडार तेजी से घट रहे हैं। उन्होंने कहा, “कुछ मामलों में हमारे पास जरूरत के मुकाबले केवल एक-चौथाई इंटरसेप्टर ही बचे हैं।” उन्होंने कहा कि “ईरान युद्ध का अंतिम लक्ष्य क्या है, यह अभी स्पष्ट नहीं है।”
80 प्रतिशत से अधिक हमले अब ड्रोन के जरिए
इसका असर अन्य संघर्षों पर भी पड़ रहा है। उन्होंने यूक्रेन का जिक्र करते हुए कहा कि “अमेरिकी समर्थन अब कम पूर्वानुमेय हो गया है और सहयोगी देश अमेरिकी हथियारों की खरीद या कमी को पूरा करने के लिए आगे आ रहे हैं।” शाहीन ने बताया कि “यूक्रेन के 80 प्रतिशत से अधिक हमले अब ड्रोन के जरिए हो रहे हैं,” जो “स्वायत्त प्रणालियों और ड्रोन झुंड” की ओर बदलाव को दर्शाता है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि “अमेरिका में इस तरह के समर्थन की गति पर्याप्त नहीं है।”
संघर्षों को लंबे समय तक संभाल सकता है
हालिया रिपोर्टों में भी चिंता जताई गई है कि उन्नत मिसाइल रक्षा प्रणालियों के अमेरिकी भंडार तेजी से घट रहे हैं, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या अमेरिका एक साथ कई संघर्षों को लंबे समय तक संभाल सकता है। कमेटी के चेयरमैन सीनेटर जिम रिश ने प्रशासन के रुख का बचाव करते हुए कहा कि ईरान संघर्ष को व्यापक रणनीतिक चुनौती के रूप में देखना चाहिए।