अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने मंगलवार को अमेरिकी नागरिकों और सहयोगियों को आश्वस्त किया कि ईरान के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई सख्ती से सीमित रहेगी। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन के स्पष्ट उद्देश्य हैं और यह लंबे युद्ध में नहीं बदलेगा। पेंटागन में संयुक्त स्टाफ के अध्यक्ष डैन केन के साथ बोलते हुए हेगसेथ ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के लिए एक संकुचित मिशन तय किया है और प्रशासन अतीत में हुई खुली और लंबी लड़ाइयों से बचने के लिए प्रतिबद्ध है।
इसे पूरी निष्ठा से पूरा करना है
हेगसेथ ने कहा, “यह अंतहीन नहीं है। यह लंबा नहीं है। हम मिशन क्रिप (अनियंत्रित विस्तार) की अनुमति नहीं दे रहे हैं।” उन्होंने बताया कि ऑपरेशन का उद्देश्य विशेष सैन्य लक्ष्यों को पूरा करना है, न कि इसे व्यापक संघर्ष में बदलना। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति ने बहुत स्पष्ट मिशन निर्धारित किया है। हमारा काम इसे पूरी निष्ठा से पूरा करना है।”
अंतिम निर्णय राष्ट्रपति पर निर्भर
रक्षा सचिव ने कहा कि ऑपरेशन कब तक चलेगा? इसका अंतिम निर्णय राष्ट्रपति पर निर्भर करता है। हेगसेथ ने कहा, वह थ्रॉटल को कंट्रोल करते हैं। जब हम उन खास मकसदों को हासिल कर रहे होते हैं, तो वही फैसला करते हैं, वही अमेरिकी लोगों की तरफ से चुने जाते हैं।
ईरान में हजारों लक्ष्यों पर हमला कर दिया
पेंटागन ब्रीफिंग के समय यह अमेरिकी अभियान अपने दसवें दिन में था, और अधिकारियों ने कहा कि अमेरिकी बलों ने पहले ही ईरान में हजारों लक्ष्यों पर हमला कर दिया है।
केन ने कहा कि सैन्य बल तीन मुख्य लक्ष्यों पर केंद्रित है: ईरानी मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को नष्ट करना, ईरान की नौसेना को कमजोर करना, और उसकी सैन्य-औद्योगिक संरचना पर गहरा हमला करना।
सहयोगियों को खतरा न पहुंचा सकें
केन ने कहा, “संयुक्त बल तीन सैन्य लक्ष्यों पर केंद्रित है।” उन्होंने बताया कि अमेरिकी ऑपरेशन का उद्देश्य क्षेत्र में अमेरिकी बलों और सहयोगियों पर हमलों को रोकना है। उन्होंने कहा, “इसका मतलब है लॉन्च साइट्स, कमांड और कंट्रोल केंद्र और भंडार पर हमला करना ताकि वे हमारे कर्मियों, हमारी सुविधाओं और सहयोगियों को खतरा न पहुंचा सकें।”