एआई का बुलबुला फूट चुका है। अमेरिकी बाजार में हाहाकार मच गया है। कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि एआई का बाजार लंबे समय तक नहीं टकने वाला है। इसकी वजह शेयर बाजारों में इसकी हाइप है। शुरुआत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के शेयरों में तेजी से इजाफा हुआ। इसके तेजी मूल्य बढ़े। कई विशेषज्ञों के अनुसार, वास्तविक मूल्य से अधिक है। Nasdaq इंडेक्स 2 फीसदी तक गिर गया। Dow Jones में भी करीब 0.8% की गिरावट को देखा गया। इससे पहले 5 नवंबर को अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट का दौर लगा रहा। इसके कई कारण हैं.
एआई का मार्केट घटने की वजह के पीछे कई कारण हैं।
- हाई वैल्यूएशन: एआई शेयरों का मूल्य तेजी से बढ़े, ये वास्तविक मूल्य से अधिक है।
- मुनाफावसूली: निवेशकों ने एआई शेयरों में मुनाफावसूली आरंभ कर दी। इससे बाजार में दबाव बढ़ गया है।
- ब्याज दरों में वृद्धि: ब्याज दरों में वृद्धि होने से निवेशकों का रुझान बदला। इससे एआई शेयरों में गिरावट आई है।
क्या होने वाला है?
एआई बुलबुला फूटने से अमेरिकी बाजार में और गिरावट आ सकती है। निवेशकों को सावधानी से निवेश करना चाहिए। अपने पोर्टफोलियो को विविध बनाना चाहिए। अमेरिकी इकोनॉमी में मंदी की आहट से रोजगार पर संकट बढ़ गया है। अक्टूबर 2025 में ही अमेरिका में करीब 1.53 लाख लोगों की नौकरियां गईं। अक्टूबर माह में बीते 20 वर्षों में सबसे अधिक जॉब कटौती है. अब तक साल 2025 में करीब 11 लाख नौकरियों पर कैंची चल रही हैं। छंटनी सिर्फ एक-दो सेक्टर तक सीमित नहीं है। टेक्नोलॉजी, रिटेल, सर्विस सेक्टर, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स समेत कई उद्योग प्रभावित किया है। निवेशक अब AI-थीम को लेकर अधिक भरोसा नहीं कर रहे।