US Navy action: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच चल रहा टकराव एक बार फिर तेज हो गया है। अमेरिकी नौसेना ने पूर्वी प्रशांत महासागर में ड्रग तस्करी से जुड़े होने के आरोप में एक जहाज पर घातक सैन्य कार्रवाई की, जिसमें कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई “नार्को-तस्करी नेटवर्क” के खिलाफ अभियान का हिस्सा थी। इस ताजा घटना के बाद सितंबर से अब तक समुद्र में अमेरिकी अभियानों में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर लगभग सौ के करीब पहुंच गई है। वॉशिंगटन का दावा है कि वेनेजुएला से जुड़े आपराधिक गिरोह समुद्री रास्तों से मादक पदार्थों की तस्करी कर रहे हैं और इन्हें रोकने के लिए कड़े कदम जरूरी हैं।
वेनेजुएला की जवाबी तैयारी
अमेरिकी नौसेना की लगातार कार्रवाइयों के बाद वेनेजुएला ने अपने जहाजों की सुरक्षा बढ़ा दी है। अब वह पूर्वी प्रशांत और कैरेबियन सागर में अपने तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों को नौसैनिक एस्कॉर्ट देने लगा है। इससे दोनों देशों के बीच सीधे सैन्य टकराव की आशंका भी बढ़ गई है। अमेरिका ने हाल ही में वेनेजुएला के तेल कारोबार पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं और कुछ टैंकरों को जब्त भी किया है। वॉशिंगटन का आरोप है कि तेल से होने वाली कमाई का इस्तेमाल ड्रग तस्करी और संगठित अपराध को बढ़ावा देने में किया जा रहा है, जबकि कराकस इन आरोपों को खारिज करता रहा है।
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तेल, प्रतिबंध और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
प्रतिबंधों के बावजूद वेनेजुएला ने अपने तेल निर्यात को पूरी तरह बंद नहीं किया है। देश के पास दुनिया के सबसे बड़े सिद्ध तेल भंडार हैं और वह कच्चे तेल व उससे जुड़े उत्पादों का व्यापार जारी रखे हुए है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने कहा है कि अमेरिका का असली मकसद ड्रग तस्करी रोकना नहीं, बल्कि वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन कराना है। इस मुद्दे पर उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव से भी बातचीत की। वहीं, चीन ने वेनेजुएला के पक्ष में खड़े होते हुए एकतरफा प्रतिबंधों का विरोध किया है और सभी देशों की संप्रभुता के सम्मान की बात कही है।