ईरान-अमेरिका के बीच 40 दिन की जंग के बाद अब होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा अपडेट आया है। ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका नाकेबंदी हटाने को तैयार है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा,"होर्मुज जलडमरूमध्य व्यापार और जहाजों की आवाजाही के लिए पूरी तरह खुला है, लेकिन ईरान के खिलाफ अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी समझौता पूरा होने तक जारी रहेगी"।
डील के करीब
ट्रंप बोले, "अमेरिका और ईरान के बीच ज्यादातर मुद्दों पर बातचीत हो चुकी है, इसलिए समझौता जल्दी पूरा होने की संभावना है"। ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट से कहा कि वार्ता का दूसरा दौर शुरू हो सकता है और अगले 36 से 72 घंटों में प्रगति संभव है।
अमेरिका क्यों झुका?
इजरायल की रक्षा में अमेरिका ने खुद इजरायल से भी ज्यादा मिसाइलें इस्तेमाल कर दीं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इससे US की अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी। 40 दिन की लड़ाई में अमेरिका के 13 सैनिक मारे गए, ईरान में 3000 और लेबनान में 2100+ मौतें हुईं।
तेल पर असर
ईरान के होर्मुज खोलने के ऐलान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में करीब 10% गिरावट आई। मोहम्मद बगेर गालिबफ बोले,"जब तक अमेरिकी नाकाबंदी ईरानी बंदरगाहों पर जारी रहेगी, होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना असंभव है"। ईरान ने होर्मुज खोलने के बदले नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करने, विदेशी संपत्तियां जारी करने और तेल पर प्रतिबंध हटाने की मांग की है।
विदेश मंत्री का ऐलान
अब्बास अरागची ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए पूरी तरह खुला रहेगा, जहाज तय मार्गों से गुजरेंगे। चीन-पाक ने 75वीं सालगिरह पर जारी बयान में CPEC के एडवांस वर्जन पर साथ काम करने की बात कही।
'न्यूक्लियर डस्ट' डील
ट्रंप का दावा है कि ईरान उच्च संवर्धित यूरेनियम यानी 'न्यूक्लियर डस्ट' अमेरिका को सौंपने को तैयार है और भविष्य में यूरेनियम संवर्धन नहीं करेगा। अमेरिकी विदेश मंत्री बोले,"होर्मुज खुलेगा! ईरान-अमेरिका युद्ध पर कुछ घंटों में 'गुड न्यूज' मिलेगी"। ट्रंप ने साफ कर दिया कि समझौता होते ही होर्मुज की नाकेबंदी हट जाएगी। अमेरिका अब युद्ध नहीं चाहता क्योंकि उसके हथियार खत्म हो रहे हैं। ईरान भी शर्तों के साथ तैयार है। अगले 2-3 दिन निर्णायक हैं। अगर डील होती है तो तेल सप्लाई सामान्य होगी और मिडिल ईस्ट में तनाव घटेगा।