शेयर बाजार में आज अचानक रौनक लौटती दिखी। अमेरिकी राजदूत नामित सर्जियो गोर के सकारात्मक बयान के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा और बाजार ने निचले स्तरों से जबरदस्त वापसी की। निफ्टी करीब 200 अंकों से ज्यादा संभलकर 25650 के आसपास पहुंच गया, जबकि बैंक निफ्टी भी 450 अंकों की तेजी के साथ हरे निशान में लौट आया। लंबे समय से दबाव झेल रहे बाजार को इस बयान से नई दिशा मिलती दिखी।
किन शेयरों से आई तेजी
आज की तेजी में चुनिंदा बड़े शेयरों की अहम भूमिका रही। आईसीआईसीआई बैंक, कोल इंडिया, एशियन पेंट और एचयूएल जैसे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार का माहौल मजबूत हुआ। वहीं इंडिया विक्स में करीब 7 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जो यह दिखाती है कि बाजार में हलचल और उम्मीद दोनों बढ़ी हैं। निवेशक एक बार फिर जोखिम लेने के मूड में नजर आए।
रियल्टी और फार्मा में दबाव
जहां एक ओर बाजार में तेजी दिखी, वहीं दूसरी ओर कुछ सेक्टर दबाव में रहे। रियल्टी शेयरों में आज जोरदार बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी रियल्टी सूचकांक करीब डेढ़ प्रतिशत से ज्यादा फिसल गया। डीएलएफ और प्रेस्टीज जैसे शेयरों में दो से तीन प्रतिशत की गिरावट आई। फार्मा सेक्टर में भी कमजोरी रही और डिवीज तथा लॉरेस लैब्स जैसे शेयर करीब तीन प्रतिशत तक टूटे।
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सर्जियो गोर के बयान ने डाली जान
अमेरिकी राजदूत नामित सर्जियो गोर के बयान ने आज बाजार में जान डाल दी। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ता कल से फिर शुरू होगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले एक से दो साल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत दौरे पर आ सकते हैं। इस बयान से यह साफ हुआ कि दोनों देशों के रिश्तों में मजबूती आने की उम्मीद है।
भारत-अमेरिका साझेदारी पर जोर
सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिका के लिए भारत से ज्यादा महत्वपूर्ण साझेदार कोई नहीं है। आने वाले समय में भारत और अमेरिका के संबंध निर्णायक भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि भारत को जल्द ही पैक्स सिलिका समूह में शामिल होने का न्योता दिया जाएगा। अगले महीने भारत को इस समूह में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है, जिससे भारत की वैश्विक भूमिका और मजबूत होगी।
क्या है पैक्स सिलिका समूह
पैक्स सिलिका अमेरिका की अगुवाई वाला एक अहम समूह है, जिसे महत्वपूर्ण खनिजों और आधुनिक तकनीक के लिए बनाया गया है। इसका मकसद भरोसेमंद देशों के साथ मिलकर आर्थिक और तकनीकी सुरक्षा को मजबूत करना है। इसमें दुर्लभ खनिज, ऊर्जा उपकरण, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और लॉजिस्टिक्स जैसी पूरी श्रृंखला शामिल है। इस समूह में जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, ब्रिटेन, इजरायल, यूएई और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश पहले से शामिल हैं। भारत के शामिल होने से बाजार और निवेशकों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।