US Stock Market Crash : दिवाली से पहले भारतीय शेयर बाजार में जहां लगातार सात कारोबारी दिनों की तेजी ने निवेशकों को करीब 20 लाख करोड़ रुपये की कमाई कराई, वहीं अमेरिकी शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। बाजार में आई इस गिरावट ने दुनिया भर के निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, 6 अक्टूबर को अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद से अमेरिकी शेयर बाजार की कुल वैल्यू में लगभग 5.7 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 563 लाख करोड़ रुपये की कमी आ चुकी है। इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों को लेकर बदलता निवेश नजरिया माना जा रहा है।
AI कंपनियों की वैल्यूएशन पर सवाल
कुछ समय पहले तक AI को शेयर बाजार की तेजी का सबसे बड़ा इंजन माना जा रहा था। निवेशक इस क्षेत्र की कंपनियों में बड़े पैमाने पर पैसा लगा रहे थे, लेकिन अब यही उत्साह चिंता में बदलता दिखाई दे रहा है। AI कंपनियों के शेयरों में लगातार बिकवाली से बाजार पर दबाव बढ़ा है। निवेशकों को लग रहा है कि कई कंपनियों की वैल्यूएशन वास्तविक कमाई के मुकाबले काफी ज्यादा हो गई है। इसके अलावा AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च और बढ़ते कर्ज ने भी जोखिम बढ़ा दिया है।
Nasdaq 100 को लगा बड़ा झटका
गुरुवार को Nasdaq 100 इंडेक्स में करीब 2.3 ट्रिलियन डॉलर की गिरावट दर्ज की गई। इंडेक्स में शामिल लगभग 57 फीसदी कंपनियों के शेयर अपने रिकॉर्ड उच्चतम स्तर से कम से कम 20 फीसदी नीचे आ गए। यह स्थिति मार्च 2022 के बियर मार्केट के दौरान दर्ज गिरावट से भी गंभीर बताई गई। निवेशकों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि कंपनियां AI तकनीक और डेटा सेंटर पर खरबों डॉलर खर्च कर रही हैं, लेकिन इस निवेश से कितनी कमाई होगी, इसका स्पष्ट अनुमान अभी सामने नहीं आया है।
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राजनीतिक घटनाक्रम ने बढ़ाया दबाव
अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेट्स की जीत के बाद डेटा सेंटर के निर्माण और विस्तार पर संभावित प्रतिबंधों की आशंका भी बढ़ी है। डेटा सेंटर AI इंडस्ट्री के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इन्हीं के जरिए बड़े पैमाने पर कंप्यूटिंग क्षमता उपलब्ध होती है। ऐसे में नियमों में संभावित बदलाव की चिंता ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया है। गिरावट के दौरान हेज फंड, कर्ज लेकर निवेश करने वाले ट्रेडर्स और ऑटोमेटेड ट्रेडिंग सिस्टम की बिकवाली ने बाजार का दबाव और बढ़ा दिया।
अब वादों से ज्यादा कमाई पर नजर
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, AI सेक्टर में निवेश की रफ्तार आने वाले समय में धीमी पड़ सकती है। निवेशक अब कंपनियों की भविष्य की घोषणाओं और बड़े-बड़े दावों के बजाय उनके वास्तविक मुनाफे पर ध्यान दे रहे हैं। AI पर भारी खर्च करने वाली कंपनियों को अब यह साबित करना होगा कि उनका निवेश कारोबार और कमाई में कितना फायदा पहुंचा रहा है। आने वाले दिनों में यही प्रदर्शन अमेरिकी शेयर बाजार की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।