Nuclear Peace Bill: भारत द्वारा पारित किए गए नए परमाणु ऊर्जा कानून को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है। अमेरिका ने भारत के सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया बिल, 2025 यानी शांति विधेयक का स्वागत किया है। यह विधेयक संसद के शीतकालीन सत्र में पारित हुआ था और अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मंजूरी के बाद कानून बन चुका है। सरकार का उद्देश्य इस कानून के जरिए स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा सुरक्षा और शांतिपूर्ण परमाणु उपयोग को बढ़ावा देना है।
अमेरिकी प्रतिक्रिया, ऊर्जा साझेदारी
भारत में अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए कहा कि यह विधेयक भारत-अमेरिका के बीच मजबूत ऊर्जा सुरक्षा साझेदारी की दिशा में अहम कदम है। अमेरिका ने साफ किया कि वह भारत के साथ शांतिपूर्ण नागरिक परमाणु सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही जॉइंट इनोवेशन और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई गई है। जानकारों के मुताबिक, यह बिल भारत को क्लीन एनर्जी के लक्ष्य हासिल करने में मदद कर सकता है और वैश्विक स्तर पर उसकी स्थिति मजबूत करेगा।
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बांग्लादेश हाई कमीशन, वीज़ा सेवाएं बंद
इसी बीच भारत-बांग्लादेश संबंधों से जुड़ी एक अहम खबर भी सामने आई है। नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग ने अपनी सभी कांसुलर और वीज़ा सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। उच्चायोग के गेट पर लगाए गए नोटिस में कहा गया है कि अगले आदेश तक ये सेवाएं उपलब्ध नहीं रहेंगी। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भी इसकी पुष्टि की है।
सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में उच्चायोग के बाहर और अन्य जगहों पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। इन्हीं कारणों से यह फैसला लिया गया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीज़ा सेवाएं कब दोबारा शुरू होंगी, लेकिन इस कदम को एहतियाती सुरक्षा उपाय के तौर पर देखा जा रहा है।