Uttar pradesh Agra news:उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण गिरोह के जाल में फंसी दो सगी बहनों का मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है. ये दोनों बहनें कोलकाता की एक मुस्लिम बस्ती में मिलीं, जहां से पुलिस ने उन्हें बरामद किया. पूछताछ में उन्होंने खुलकर कबूल किया कि उन्हें जबरन नहीं, बल्कि स्वेच्छा से इस रास्ते पर लाया गया. उन्होंने दावा किया कि जिन लोगों को पुलिस ने पकड़ा है, वे धर्म के लिए काम कर रहे हैं और अगर वे जेल गए, तो उन्हें जन्नत नसीब नहीं होगी. दोनों बहनों ने कहा कि वे तब तक घर नहीं लौटेंगी, जब तक सभी पकड़े गए लोगों को छोड़ नहीं दिया जाता.
कोचिंग से शुरू हुआ था संपर्क
बड़ी बहन, जो एमएससी जूलॉजी और एमफिल कर चुकी है, ने बताया कि वर्ष 2020 में नेट की तैयारी के लिए वह आगरा के खंदारी क्षेत्र स्थित एक कोचिंग में जाती थी. वहीं उसकी मुलाकात जम्मू-कश्मीर की साइमा उर्फ खुशबू से हुई. दोस्ती गहरी होने लगी और फोन पर भी बातचीत शुरू हो गई. साइमा ने उसे इस्लाम के बारे में समझाना शुरू किया. धीरे-धीरे बुर्के की अहमियत, महिलाओं की सुरक्षा और इस धर्म के जरिए जन्नत मिलने जैसी बातें समझाई गईं. इसके साथ ही कई वीडियो भी भेजे गए, जिनका असर उसकी सोच पर साफ दिखा.
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लॉकडाउन में बढ़ा झुकाव, बहन को भी ले गई साथ
लॉकडाउन के दौरान जब घर से निकलना बंद हुआ, तब परिजनों ने देखा कि बड़ी बहन मस्जिद की अजान सुनकर नमाज पढ़ने लगी है. इससे चिंतित परिजनों ने उसका मोबाइल छीन लिया, लेकिन उसने छोटी बहन के मोबाइल से संपर्क बनाए रखा. वह सोशल मीडिया पर एक्टिव थी और रीत बनिक उर्फ इब्राहिम जैसे लोगों से जुड़ी हुई थी. आखिरकार, मार्च महीने में उसने अपनी छोटी बहन को भी प्रभावित किया और दोनों घर से भाग निकलीं. अब पुलिस इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है.