बलरामपुरउत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में कथित धर्मांतरण गिरोह के मास्टरमाइंड झांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन की गिरफ्तारी के बाद सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्रकरण को न केवल समाज-विरोधी, बल्कि राष्ट्र-विरोधी साजिश करार देते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
क्या है मामला
जमालुद्दीन पर आरोप है कि वह वर्षों से एक संगठित नेटवर्क के जरिए हिंदू समाज की युवतियों को प्रेमजाल में फंसा कर या लालच देकर उनका इस्लाम धर्म में जबरन परिवर्तन करवा रहा था. पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि धर्मांतरण के लिए युवतियों की जाति के आधार पर रेट तय किए गए थे. ब्राह्मण या क्षत्रिय लड़कियों के लिए रेट 15 लाख रुपये तक, पिछड़ी जातियों के लिए 10 लाख और अन्य वर्गों के लिए करीब 8 लाख रुपये रखे गए थे.
करोड़ों की संपत्ति
जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि इस गिरोह को विदेशों से भारी फंडिंग मिल रही थी और करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता चला है। गिरोह ने कई बार इस्लामिक देशों की यात्राएं की हैं और बड़ी संख्या में फर्जी बैंक खाते भी बनाए गए हैं। ईडी अब मामले की मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच कर रही है.
प्रशासन की कार्रवाई
उत्तर प्रदेश एटीएस द्वारा छांगुरु बाबा और उसकी सहयोगी नसरीन को गिरफ्तार किए जाने के बाद जिला प्रशासन ने फौरन एक्शन लेते हुए उसकी आलीशान कोठी को बुलडोजर से ढहा दिया. यह संपत्ति कथित तौर पर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के जरिए बनाई गई थी.