UP News: यूपी ने गोवंश संरक्षण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। योगी सरकार ने अब तक देश में सबसे अधिक रिकॉर्ड 16.35 लाख निराश्रित गोवंश का संरक्षण किया है। इससे पहले किसी भी प्रदेश में गोवंश संरक्षण को लेकर उत्तर प्रदेश जैसी प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई।
7500 से अधिक गोआश्रय स्थलों का निर्माण
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनी। इसके बाद से गायों के संरक्षण को लेकर योजना बनी और उसे अमल में भी लाया गया। इसी का नतीजा है कि अब तक प्रदेश भर में 7500 से अधिक गोआश्रय स्थलों का निर्माण कराया गया, जहां निराश्रित गोवंश के लिए चारा, पानी, इलाज और देखभाल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई। यही नहीं सरकार ने हर जिले में गो संरक्षण समितियों का गठन करते हुए जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को इसका नोडल अधिकारी बनाया, जिससे निगरानी और जवाबदेही तय हुई।
पशुपालकों की आय में वृद्धि
मुख्यमंत्री सहभागिता योजना और पोषण मिशन के अंतर्गत अब तक 1,13,534 पशुपालकों को 1,81,339 गोवंश उपलब्ध कराए गए हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली और पशुपालकों की आय में वृद्धि हुई। योगी सरकार ने गोवंश संरक्षण को आजीविका से जोड़कर इसे आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम भी बनाया है। इस क्रम में उत्तर प्रदेश में गो तस्करी के खिलाफ सख्त अभियान चलाए गए। बड़े पैमाने पर गो तस्करों की गिरफ्तारी, वाहनों की जब्ती और नेटवर्क तोड़ने की कार्रवाई से प्रदेश में गोतस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ। इससे न सिर्फ़ गोवंश सुरक्षित हुआ, बल्कि कानून-व्यवस्था भी सुदृढ़ हुई।
गोमाता सबसे बड़ा आशीर्वाद
इस बारे में गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता का कहना है कि धरती, कृषि, प्रकृति और मानव जीवन सभी के लिए गोमाता सबसे बड़ा आशीर्वाद है। प्रदेश में गोसेवा और संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। योगी सरकार ने गोवंश संरक्षण को सिर्फ प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, सामाजिक और मानवीय दायित्व के रूप में आगे बढ़ाया। इसी का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश आज गोवंश संरक्षण का राष्ट्रीय मॉडल बनकर उभरा है। इस दिशा में लगातार काम जारी है।