अगर आप कल से उत्तराखंड की सड़कों पर यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। अब टोल प्लाजा पार करना सिर्फ फास्टैग तक सीमित नहीं रहेगा। वाहन से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज पूरे न होने पर बिना रोके ही आपका ऑनलाइन चालान कट जाएगा। राज्य में ई-डिटेक्शन प्रणाली लागू होने जा रही है, जिससे नियमों का उल्लंघन पकड़ना और भी आसान हो जाएगा।
उत्तराखंड में शुरू हो रही ई-डिटेक्शन प्रणाली
सोमवार से उत्तराखंड में ई-डिटेक्शन सिस्टम लागू किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था के तहत टोल प्लाजा से गुजरते ही वाहन की पूरी डिजिटल जांच होगी। ओड़िसा, छत्तीसगढ़, बिहार और गुजरात के बाद उत्तराखंड ऐसा करने वाला देश का पांचवां राज्य बन जाएगा। इसका मकसद सड़क सुरक्षा बढ़ाना और नियमों का सख्ती से पालन कराना है।
इन सात टोल प्लाजा पर होगी सख्त निगरानी
शुरुआती चरण में बहादराबाद, भगवानपुर, लच्छीवाला, पट्टी, बनुषी, नगला और देवरिया समेत कुल सात टोल प्लाजा को ई-डिटेक्शन सिस्टम से जोड़ा गया है। जैसे ही फास्टैग स्कैन होगा, वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर सिस्टम में कैप्चर हो जाएगा और तुरंत ऑनलाइन जांच शुरू हो जाएगी।
किन दस्तावेजों की होगी जांच
ई-डिटेक्शन प्रणाली सड़क परिवहन मंत्रालय के राष्ट्रीय ‘वाहन’ डेटाबेस से जुड़ी होगी। सिस्टम अपने आप वाहन के परमिट, बीमा, फिटनेस सर्टिफिकेट, पंजीकरण, प्रदूषण प्रमाण पत्र और रोड टैक्स की स्थिति को जांचेगा। पहले चरण में केवल परमिट, बीमा और फिटनेस से जुड़े उल्लंघनों पर चालान किया जाएगा।
15 साल पुराने वाहनों पर भी कसेगा शिकंजा
नई व्यवस्था के तहत 15 साल से अधिक पुराने ऐसे वाहन जिनका रजिस्ट्रेशन रिन्यू नहीं हुआ है, वे भी ई-डिटेक्शन की जद में आएंगे। जैसे ही ऐसे वाहन टोल प्लाजा से गुजरेंगे, सिस्टम उन्हें पहचान कर ऑनलाइन चालान जारी कर देगा।
चालान कटते ही मोबाइल पर आएगा मैसेज
यदि किसी वाहन के दस्तावेज अधूरे पाए गए, तो बिना रोके ही तत्काल ई-चालान जारी हो जाएगा। वाहन मालिक के मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए चालान की राशि, उल्लंघन का कारण और ऑनलाइन भुगतान का लिंक भेजा जाएगा। भविष्य में इस सिस्टम के दायरे में सभी प्रकार के वाहन दस्तावेज शामिल किए जाएंगे।