Uttarakhand weather : यदि आप भी आने वाली छुट्टियों में उत्तराखंड जाने की सोच रहें हैं तो एक बार इस खबर को जरूर पढ़ें. क्योंकि जहां कुछ इलाकों में बारिश से खुशनुमा माहौल हो रहा है, वहीं उत्तराखंड में मई के महीने में बारिश ने अपना विकराल रूप ले लिया है. जिसकी इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी वीडियोज भी वायरल हो रही हैं.
बता दें कि कुछ दिनों से बारिश का दौर जारी है, जोकि आगे के कुछ दिन ऐसे ही रहेगा. मौसम विभाग की मानें तो 8 मई 2025 तक पूरे प्रदेशभर में बारिश की संभावना है. जिसके चलते कहीं बूंदा - बांदी तो कहीं बारिश ने लोगों की जान को आफत खड़ी कर दी है. मसूरी में मूसलाधार बारिश से जन - जीवन अस्त - व्यस्त हो रहा है. मसूरी के फेमस कैंपटी श्रेत्र में रविवार को मूसला धार बारिश हुई. जिससे कैंपटी वॉटर फॉल उफान पर आ गया. झरने में अधिक मात्रा में पानी आने से पहाड़ी से मलबा खिसक गया और पानी में मलबे के साथ - साथ पत्थर आने लगे. इस भयंकर मंजर को देख हर तरफ अफरा - तफरी मच गई और पर्यटक सहम गए हैं.
मलबा और पत्थर झरने से बहकर झील में जाकर जमा हो गए हैं, वहां मौजूद कुछ दुकानों में सड़क का पानी घुस गया है. मलबा आने से कुछ देर के लिए त्यूणी - मलेथा हाईवे पर यातायात बाधित रहा. पुलिस प्राशासन ने सतर्कता बरतते हुए सभी पर्यटकों को कैपंटी फॉल जाने पर रोक लगाई. दूसरी तरफ झरने के आस - पास मौजूद पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला. JCB मशीन बुलाकर मलबे का हटवाया गया.
इन इलाको में हो सकती है बारिश
मसूरी - दून मार्ग, कैंपटी मार्ग व किमाड़ी मार्ग में मलबा जमा होने के कारण यातायात प्रभावित हुआ है. मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के मुताबिक उत्तराखंड के चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी, देहरादून, अल्मोड़ा, चंपावत, पिथौरागढ़, गढ़वाल, बागेश्वर , चंपावत और नैनीताल जिलों के अनेक क्षेत्रों में हल्की बारिश देखनें को मिल सकती है. हरिद्वार और उधम सिंह नगर में हल्की बरसात होने की संभावना है.
बरसात का यह सिलसिला 8 मई 2025 तक रहने वाला है, जानकारी के लिए बता दें कि 30 अप्रैल 2025 से उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध 'चारधाम यात्रा' का शुभारंभ हो चुका है. वहीं चारों धामों में रूक - रूक कर बारिश हो रही है. करीब डेढ़ लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन करने पहुंच चुकें हैं. ऐसे में बारिश को देखते हुए तीर्थ यात्रियों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है.