Vaibhav Sooryavanshi Captaincy : भारतीय क्रिकेट के उभरते बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को महज 15 साल की उम्र में बड़ी जिम्मेदारी मिली है। बिहार क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के लिए टीम का कप्तान बनाया है। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज को घरेलू टी20 टूर्नामेंट में बिहार की अगुवाई करनी होगी। टूर्नामेंट की शुरुआत 14 नवंबर से होगी और यह 6 दिसंबर तक चलेगा। बिहार ने शुरुआती दो मुकाबलों के लिए अपनी टीम घोषित की है। सूरज कश्यप को टीम का उपकप्तान बनाया गया है।
बिहार की टीम में 17 खिलाड़ी शामिल
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के शुरुआती दो मैचों के लिए बिहार ने 17 खिलाड़ियों को टीम में जगह दी है। टीम में वैभव सूर्यवंशी कप्तान और सूरज कश्यप उपकप्तान हैं। इसके अलावा आयुष लोहारुका और अनमोल कुमार को विकेटकीपर के तौर पर चुना गया है। टीम के बाकी खिलाड़ियों में आलोक कुमार, अल्तमश अशरफ, परम कुमार सिंह, रित्विक राज, मयंक कुमार, राघवेंद्र प्रताप, आशीष कुमार, वासुदेव प्रताप सिंह, मोहम्मद इजहार, अमोद यादव, प्रशांत सिंह, नवाज खान और हिमांशु सिंह शामिल हैं।
14 नवंबर से शुरू होगा टूर्नामेंट
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी भारत का प्रमुख घरेलू टी20 टूर्नामेंट है। इस बार इसका आयोजन 14 नवंबर से 6 दिसंबर तक किया जाएगा। इसमें देश की 38 टीमें हिस्सा लेंगी। बिहार ने फिलहाल अपने शुरुआती दो मैचों के लिए ही खिलाड़ियों का चयन किया है। ऐसे में वैभव के पास कम उम्र में टीम की कप्तानी करते हुए अपनी नेतृत्व क्षमता दिखाने का मौका होगा।
सचिन तेंदुलकर ने दी थी अलग राय
वैभव को कप्तानी मिलने से पहले महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने उन्हें कम उम्र में बड़ी जिम्मेदारी देने पर अपनी राय रखी थी। एक सवाल के जवाब में सचिन ने कहा था कि दलीप ट्रॉफी में वैभव को उपकप्तान बनाना जल्दबाजी थी। उनका मानना था कि वैभव को पहले लाल गेंद से ज्यादा मैच खेलने चाहिए और धीरे-धीरे आगे बढ़ना चाहिए। सचिन ने कहा था कि युवा खिलाड़ी को एक-एक कदम आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए।
सबसे कम उम्र के कप्तान बनने का मौका
बिहार की कप्तानी मिलने के साथ वैभव सूर्यवंशी सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के इतिहास में सबसे कम उम्र के कप्तान बन सकते हैं। खबर के मुताबिक, वह दुनिया के किसी भी टी20 प्रारूप के टूर्नामेंट में सबसे कम उम्र में कप्तानी करने वाले खिलाड़ियों में भी शामिल हो जाएंगे। इससे पहले वह दलीप ट्रॉफी में भी कप्तानी कर चुके हैं। इतनी कम उम्र में यह जिम्मेदारी मिलना उनके क्रिकेट करियर का अहम पड़ाव माना जा रहा है।
इसे भी पढे़ं : Ghaziabad Blast: वसुंधरा चौकी धमाके पर भड़के BJP विधायक नंदकिशोर गुर्जर, बोले- आरोपियों को 72 हूरों के पास भेजेंगे
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी रहे हैं युवा कप्तान
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी कम उम्र में कप्तानी करने के उदाहरण मौजूद हैं। क्रोएशिया के जैक वुकुसिच ने 17 साल और 311 दिन की उम्र में कप्तानी की थी। वहीं राशिद खान ने 20 साल और 350 दिन की उम्र में अफगानिस्तान की टेस्ट टीम की कमान संभाली थी। राशिद वनडे क्रिकेट में भी 19 साल की उम्र में कप्तान बने थे। अब वैभव के सामने बिहार को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में अच्छे प्रदर्शन की ओर ले जाने की चुनौती होगी।