Vaibhav Suryavanshi Ajinkya Rahane Advice : 15 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखने वाले वैभव सूर्यवंशी को लेकर चर्चा लगातार तेज है। अब हाल ही में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने वाले अजिंक्य रहाणे ने युवा बल्लेबाज को अहम सलाह दी है। रहाणे का कहना है कि वैभव बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, लेकिन अभी उनके ऊपर जरूरत से ज्यादा उम्मीदों का बोझ नहीं डालना चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि आईपीएल और इंटरनेशनल क्रिकेट के स्तर में बहुत बड़ा अंतर होता है, इसलिए वैभव को धीरे-धीरे आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए।
'इंटरनेशनल क्रिकेट का दबाव बिल्कुल अलग'
एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान अजिंक्य रहाणे ने कहा कि अभी वैभव के भविष्य को लेकर बड़ी-बड़ी भविष्यवाणियां करना सही नहीं होगा। उनके मुताबिक, देश के लिए खेलते समय दबाव आईपीएल से कहीं ज्यादा होता है। आईपीएल में कुछ ओवरों में तेज रन बनाना अलग बात है, लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट में वही प्रदर्शन लगातार दोहराना कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है।
'बच्चे पर बेवजह दबाव मत डालिए'
रहाणे ने कहा कि लोग पहले ही वैभव के बारे में बहुत ज्यादा बातें कर रहे हैं। उन्होंने अभी सिर्फ दो आईपीएल सीजन खेले हैं और करियर की शुरुआत ही हुई है। ऐसे में उन्हें अपनी गति से आगे बढ़ने देना चाहिए। उनका मानना है कि इस समय वैभव को सिर्फ अपने खेल पर ध्यान देना चाहिए, न कि बाहरी अपेक्षाओं पर।
मोहम्मद कैफ ने टीम मैनेजमेंट पर उठाए सवाल
वहीं पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ की राय रहाणे से अलग रही। कैफ का मानना है कि वैभव को इंग्लैंड दौरे से पहले आयरलैंड दौरे पर ही इंटरनेशनल डेब्यू करा देना चाहिए था। उनके अनुसार इससे युवा बल्लेबाज का आत्मविश्वास बढ़ता और इंग्लैंड जैसे बड़े दौरे पर शुरुआती घबराहट भी कम हो जाती।
'आयरलैंड में मौका मिलता तो फायदा होता'
कैफ ने कहा कि आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करने वाले वैभव को टीम में बैठाने के बजाय मैदान पर उतारना चाहिए था। उनके मुताबिक, आयरलैंड में खेलने का अनुभव मिलने के बाद इंग्लैंड दौरे पर उनका प्रदर्शन और बेहतर हो सकता था। उन्होंने वैभव को एक विशेष प्रतिभा बताते हुए कहा कि ऐसे खिलाड़ियों को सही समय पर मौके मिलना जरूरी है।
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युवा खिलाड़ी पर टिकी हैं सभी की नजरें
इंग्लैंड दौरे पर शुरुआती संघर्ष के बाद वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार पारियां खेलकर अपनी क्षमता दिखाई है। अब क्रिकेट जगत की नजर इस बात पर है कि वह आने वाले समय में खुद को किस तरह लगातार साबित करते हैं। फिलहाल दिग्गजों की एक राय जरूर है कि प्रतिभा के साथ धैर्य और सही मार्गदर्शन भी उतना ही जरूरी है।