सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में तीन मैचों की नाकामी के बाद वैभव सूर्यवंशी ने चौथे मैच में ऐसा धमाका किया कि पूरे टूर्नामेंट में हलचल मच गई. महाराष्ट्र के खिलाफ वैभव ने जैसे ही क्रीज संभाली, माहौल बदल गया. उन्होंने सिर्फ 58 गेंदों में शतक पूरा किया और वो भी छक्के के साथ. यह पारी सिर्फ रन नहीं थी, बल्कि एक मजबूत जवाब था उन सभी सवालों का जो उनके फॉर्म पर उठ रहे थे. उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और आत्मविश्वास दोनों साफ झलक रहे थे।
टूट पड़े चौके-छक्कों का अंधड़
बिहार की तरफ से ओपनिंग करते हुए वैभव ने शुरुआत में थोड़ी सावधानी दिखाई, लेकिन जैसे ही हाथ खुले, फिर महाराष्ट्र के किसी गेंदबाज के पास कोई जवाब नहीं बचा. 61 गेंदों पर नाबाद 108 रन, 7 चौके और 7 छक्के — ये आंकड़े बता देते हैं कि वैभव किस मोड में थे. बिपिन सौरभ और पीयूष के साथ उनकी पार्टनरशिप लंबी नहीं चली, लेकिन जैसे ही आकाश राज क्रीज पर आए, दोनों ने तीसरे विकेट के लिए जोरदार साझेदारी निभाई और टीम को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाया।
3 मैच की नाकामी के बाद बड़ी वापसी
यह शतक सिर्फ प्रदर्शन नहीं था, बल्कि वैभव की मानसिक मजबूती का भी सबूत था. इससे पहले तीन मैचों में उन्होंने सिर्फ 32 रन बनाए थे. आलोचना हो रही थी, दबाव बढ़ रहा था, लेकिन चौथे मुकाबले में उन्होंने वही खेल दिखाया जिसके लिए वो जाने जाते हैं. आकाश राज के आउट होते ही वैभव ने पारी को तेज रफ्तार में बदल दिया, पहले पचास बनाया और फिर मैदान में छक्के उछालकर शतक का धमाका किया।
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वैभव का पहला SMAT शतक, उम्मीदों का नया आसमान
महाराष्ट्र के खिलाफ जड़ा यह शतक वैभव सूर्यवंशी के करियर का पहला SMAT शतक है, और इसे उन्होंने जिस अंदाज़ में बनाया, उससे साफ है कि वह आने वाले मैचों में और खतनाक साबित हो सकते हैं. बिहार ने भले ही 176 रन पर पारी समाप्त की हो, लेकिन ये पारी अकेले वैभव के दम पर खड़ी दिखाई दी. क्रिकेट एक्सपर्ट भी मान रहे हैं कि वैभव का यह धमाका सिर्फ शुरुआत है यह खिलाड़ी लंबे समय तक बड़ा नाम बनने की क्षमता रखता है।