दलीप ट्रॉफी 2026 के लिए 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को ईस्ट जोन का उपकप्तान बनाए जाने के फैसले पर सवाल उठ रहे थे। अब चयनकर्ताओं ने साफ किया है कि यह फैसला मौजूदा प्रदर्शन नहीं, बल्कि भविष्य के नेतृत्व को ध्यान में रखकर लिया गया है। उनका मानना है कि वैभव को अभी से कप्तानी की जिम्मेदारियां सिखाई जा रही हैं।
'एक दिन भारत का कप्तान बन सकता है'
ईस्ट जोन चयन समिति के सदस्य मनीष वर्धन ने कहा कि उपकप्तान टीम के साथ रहकर नेतृत्व की बारीकियां सीखता है। चयनकर्ता चाहते हैं कि वैभव रणनीति, टीम मैनेजमेंट और कप्तानी की जिम्मेदारियों को अभी से समझें। उनका मानना है कि भविष्य में वैभव भारतीय टीम की कप्तानी भी कर सकते हैं।
ईशान किशन रहेंगे कप्तान
पूर्व चयनकर्ता प्रभंजन मलिक ने बताया कि टीम की कप्तानी ईशान किशन के पास रहेगी। वैभव को केवल नेतृत्व सीखने का अवसर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकेटकीपर होने के कारण ईशान पूरे मैच में खेल के केंद्र में रहते हैं, जबकि वैभव को भविष्य की तैयारी के तौर पर यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पहले भी निभा चुके हैं नेतृत्व की जिम्मेदारी
चयनकर्ताओं ने बताया कि वैभव के लिए यह पहली नेतृत्व भूमिका नहीं है। वह बिहार रणजी टीम के उपकप्तान रह चुके हैं और भारत की अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम में भी उपकप्तान की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। आईपीएल 2026 और जिम्बाब्वे दौरे पर शानदार प्रदर्शन के बाद चयनकर्ताओं का भरोसा उन पर और मजबूत हुआ है।
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दलीप ट्रॉफी होगी बड़ी परीक्षा
23 अगस्त से बेंगलुरु में शुरू होने वाली दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन का पहला मुकाबला नॉर्थ जोन से होगा। चयनकर्ताओं का मानना है कि अगर वैभव बल्ले से अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजर में उनकी दावेदारी और मजबूत होगी। उनके लिए यह टूर्नामेंट सिर्फ रन बनाने का नहीं, बल्कि भविष्य के भारतीय टेस्ट क्रिकेट और नेतृत्व की दिशा में खुद को साबित करने का बड़ा मंच होगा।