Vaibhav Suryavanshi : दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल ईस्ट जोन के लिए कई मायनों में खास रहा। टीम ने 13 साल बाद खिताब अपने नाम किया और इस जीत के साथ अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का 100वां फर्स्ट क्लास मुकाबला भी यादगार बन गया। चेन्नई में खेले गए इस मुकाबले के बाद जश्न का माहौल था, लेकिन इसी दौरान एक ऐसा पल सामने आया जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
वैभव ने दिया खास उपहार
मैच खत्म होने के बाद 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने मोहम्मद शमी को एक खास उपहार भेंट किया। यह एक ऐसी जर्सी थी जिस पर ईस्ट जोन के खिलाड़ियों के हस्ताक्षर मौजूद थे। टीम की ओर से दिया गया यह सम्मान शमी के लिए बेहद खास बन गया। जैसे ही वैभव ने यह जर्सी उन्हें सौंपी, ड्रेसिंग रूम का माहौल भावुक हो गया।
शमी ने की जमकर तारीफ
इस मौके पर मोहम्मद शमी ने वैभव सूर्यवंशी की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में वैभव का खेल और सोच दोनों प्रभावित करने वाले हैं। शमी के अनुसार वैभव में सीखने की जबरदस्त क्षमता है और वह नई चीजों को बहुत जल्दी समझ लेते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि युवा खिलाड़ी की मासूमियत और उत्साह टीम के माहौल को और बेहतर बनाते हैं।
ड्रेसिंग रूम में छोड़ी छाप
शमी ने बताया कि वैभव सिर्फ मैदान पर ही नहीं, बल्कि ड्रेसिंग रूम में भी अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। वह खिलाड़ियों के साथ घुलमिल जाते हैं और हमेशा कुछ नया सीखने की कोशिश करते हैं। शमी का मानना है कि आज के युवा खिलाड़ियों को बड़े टूर्नामेंटों का अनुभव जल्दी मिल रहा है, जिससे उनका आत्मविश्वास और मैच समझ दोनों तेजी से बढ़ रही हैं।
फाइनल में भी निभाई अहम भूमिका
दलीप ट्रॉफी फाइनल में मोहम्मद शमी ने गेंदबाजी से भी अहम योगदान दिया। उन्होंने दो महत्वपूर्ण विकेट लेकर टीम को बढ़त दिलाई। अनुभवी गेंदबाज ने कहा कि 100वें फर्स्ट क्लास मैच में जीत हासिल करना उनके करियर के सबसे संतोषजनक पलों में से एक है। उन्होंने पूरी टीम की मेहनत की सराहना की और कहा कि सभी खिलाड़ियों ने मुश्किल परिस्थितियों में शानदार प्रदर्शन किया।
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युवा खिलाड़ियों को दिया संदेश
मोहम्मद शमी ने युवा क्रिकेटरों के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी को लगातार खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करनी चाहिए। उनके मुताबिक मैदान पर संघर्ष के समय धैर्य और आत्मविश्वास सबसे बड़ी ताकत होते हैं। वहीं वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ियों को देखकर उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य और भी मजबूत दिखाई देता है। यही वजह है कि दलीप ट्रॉफी जीत के बाद मिला यह छोटा सा उपहार शमी के लिए बेहद खास याद बन गया।