ट्राई नेशन ए सीरीज में टीम इंडिया ए के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया। अफगानिस्तान ए के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाया। पहली ही गेंदों से चौके लगाकर वैभव ने साफ कर दिया कि उनका इरादा तेजी से रन बनाने का है। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने टीम को शानदार शुरुआत दिलाई।
छक्के नहीं, चौकों से मचाया धमाल
वैभव सूर्यवंशी को आमतौर पर बड़े छक्कों के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार उन्होंने अलग अंदाज दिखाया। 22 गेंदों में 44 रन की पारी के दौरान उनके बल्ले से एक भी छक्का नहीं निकला। इसके बावजूद उन्होंने 9 चौके लगाए और लगभग 200 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए। उनकी टाइमिंग और शॉट चयन ने दर्शकों को काफी प्रभावित किया।
प्रभसिमरन के साथ मजबूत शुरुआत
वैभव और प्रभसिमरन सिंह ने मिलकर टीम इंडिया ए को तेज शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने नई गेंद का पूरा फायदा उठाया और अफगानिस्तान ए के गेंदबाजों को शुरुआत से ही दबाव में रखा। वैभव ने मैदान के हर हिस्से में चौके लगाए और रन गति को लगातार ऊंचा बनाए रखा।
अर्धशतक से पहले टूटी पारी
शानदार लय में दिख रहे वैभव सूर्यवंशी सातवें ओवर में आउट हो गए। अब्दुल्ला अहमदजई की गेंद पर उन्होंने बैकफुट से शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर के हाथों में चली गई। वह अपने अर्धशतक से सिर्फ 6 रन दूर रह गए। आउट होने के बाद उनके चेहरे पर निराशा भी साफ दिखाई दी।
कोहली जैसी बल्लेबाजी की चर्चा
क्रिकेट प्रेमियों के बीच वैभव की इस पारी की तुलना विराट कोहली के शुरुआती दौर की बल्लेबाजी से की जा रही है। जिस तरह उन्होंने बिना बड़े शॉट लगाए केवल चौकों और शानदार टाइमिंग के दम पर तेजी से रन बनाए, उसने कई लोगों को कोहली की याद दिलाई। यह पारी बताती है कि वैभव सिर्फ ताकत के दम पर नहीं बल्कि तकनीक और क्लासिकल बल्लेबाजी से भी मैच पर असर डाल सकते हैं।
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भविष्य के बड़े सितारे की झलक
हाल के समय में वैभव सूर्यवंशी लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। आईपीएल में छक्कों की बरसात करने वाले इस युवा बल्लेबाज ने अब दिखाया है कि वह परिस्थिति के अनुसार अपनी बल्लेबाजी बदलने की क्षमता भी रखते हैं। अफगानिस्तान ए के खिलाफ 44 रन की यह पारी भले ही अर्धशतक में नहीं बदल सकी, लेकिन इसने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक बड़ा सितारा मिल चुका है।