वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 15 साल की उम्र में क्रिकेट दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है। भारत की नेशनल टीम के लिए डेब्यू से पहले ही वह कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। हाल ही में भारत ए की तरफ से खेलते हुए उन्होंने श्रीलंका ए के खिलाफ सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक ठोक दिया। यह लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक का वर्ल्ड रिकॉर्ड बताया जा रहा है। वैभव ने श्रीलंका के कौशल्या वीररत्ने का 12 गेंदों वाला पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।
कम उम्र में शतक
वैभव लिस्ट ए क्रिकेट में शतक लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज भी बन चुके हैं। उन्होंने बिहार की तरफ से विजय हजारे ट्रॉफी में 14 साल और 272 दिन की उम्र में शतक लगाया था। उस मुकाबले में वैभव ने 190 रन की तूफानी पारी खेली थी। इतनी कम उम्र में बड़े टूर्नामेंट में शतक लगाना अपने आप में बहुत बड़ी बात है। इस पारी ने साफ कर दिया था कि वैभव सिर्फ नाम के युवा खिलाड़ी नहीं, बल्कि लंबे समय तक बड़े रिकॉर्ड बनाने की क्षमता रखते हैं।
59 गेंदों में डेढ़ सौ
वैभव सूर्यवंशी के नाम सबसे तेज 150 रन बनाने का भी बड़ा रिकॉर्ड दर्ज है। विजय हजारे ट्रॉफी में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 59 गेंदों में 150 रन पूरे कर दिए थे। उन्होंने इस मामले में दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज एबी डिविलियर्स का रिकॉर्ड पीछे छोड़ने का दावा किया गया। आमतौर पर बल्लेबाज 150 रन तक पहुंचने में लंबा समय लेते हैं, लेकिन वैभव ने तेज शॉट्स और लगातार बड़े हिट्स से यह मुकाम बेहद कम गेंदों में हासिल किया।
भारत का तीसरा तेज शतक
लिस्ट ए क्रिकेट में भारत की तरफ से तीसरा सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड भी वैभव के नाम है। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में बिहार के लिए खेलते हुए सिर्फ 36 गेंदों में शतक पूरा किया। भारत की तरफ से उनसे तेज लिस्ट ए शतक ईशान किशन ने 33 गेंदों में और अनमोलप्रीत सिंह ने 35 गेंदों में लगाया था। वैभव का नाम इतनी बड़ी लिस्ट में शामिल होना उनके खेल की रफ्तार दिखाता है। वह शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने में भरोसा रखते हैं।
यूथ टेस्ट में कमाल
वैभव ने अंडर 19 क्रिकेट में भी बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। भारत अंडर 19 टीम की तरफ से ऑस्ट्रेलिया अंडर 19 के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 58 गेंदों में शतक लगाया था। यह भारत की तरफ से यूथ टेस्ट में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड है। साथ ही इसे अंडर 19 टेस्ट इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक भी माना गया। लाल गेंद क्रिकेट में इतनी तेजी से शतक लगाना आसान नहीं होता, क्योंकि वहां गेंदबाजों को लंबे स्पेल और अलग तरह की पिचों का फायदा मिलता है।
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रणजी डेब्यू भी खास
वैभव सूर्यवंशी रणजी ट्रॉफी के इतिहास में डेब्यू करने वाले दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी भी रहे हैं। उन्होंने सिर्फ 12 साल और 284 दिन की उम्र में रणजी ट्रॉफी में बिहार के लिए पहला मैच खेला था। इतनी छोटी उम्र में सीनियर घरेलू क्रिकेट खेलना बताता है कि उनके टैलेंट को बहुत पहले पहचान लिया गया था। अब आईपीएल में 700 से ज्यादा रन और भारत ए के लिए रिकॉर्ड बनाने के बाद वैभव इंटरनेशनल क्रिकेट की दहलीज पर खड़े हैं।